कोलंबो, श्रीलंका ने अपने समुद्र तट के पास एक ईरानी जहाज डूबने के बाद बचाव अभियान चलाया है। बुधवार को श्रीलंका के पास ईरानी नेवी शिप के फंसने से 101 लोग लापता हो गए और 78 घायल हुए हैं। श्रीलंकाई अधिकारियों ने बताया कि ये जहाज हमारे तट के पास डूबने लगा तो इससे डिस्ट्रेस कॉल भेजा गया। इसके बाद श्रीलंका की नौसेना और वायुसेना ने रेस्कयू किया। हालांकि श्रीलंका की ओर से जहाज पर पनडुब्बी हमले की बात से इनकार किया गया है।
श्रीलंकाई अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया कि डिस्ट्रेस कॉल ईरानी शिप पर सबमरीन हमले की वजह से आई थी। कई रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया था कि पनडुब्बी हमले की वजह से यह ईरानी जहाज डूबा। ईरान के अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध में होने की वजह से जहाज पर हमले के दावे ने जोर पकड़ा।

श्रीलंका ने कॉल मिलने पर भेजी मदद
श्रीलंकाई अधिकारियों ने कहा कि डूबते ईरानी नेवी शिप से डिस्ट्रेस कॉल आने के बाद श्रीलंका नेवी ने रेस्क्यू मिशन भेजा। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने बताया कि ईरानी फ्रिगेट आइरिस डेना पर सवार लोगों को बचाने के लिए शिप और एयरक्राफ्ट भेजे गए।विजिथा हेराथ ने पार्लियामेंट को बताया कि 180 क्रू वाला फ्रिगेट सुबह ही डूबने लगा था। श्रीलंकाई न्यूज पोर्टल एडा डेराना ने बताया कि मुश्किल में फंसा ईरानी जहाज गाले से करीब 40 नॉटिकल मील दूर था और उसमें 180 लोग सवार थे।
श्रीलंका का सबमरीन अटैक से इनकार
श्रीलंका नेवी के स्पोक्सपर्सन ने सबमरीन अटैक की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि घटना में घायल हुए 32 लोगों को बचाया, जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। जहाज के डूबने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।ईरान के जहाज पर अमेरिका–इजरायल के हमले की पुष्टि नहीं हुई है।एएफपी के मुताबिक, श्रीलंका नेवी के प्रवक्ता बुद्धिका संपत ने कहा कि उनका ऑपरेशन श्रीलंका की समुद्री जिम्मेदारियों के मुताबिक था। संपत ने कहा कि हमने इंटरनेशनल जिम्मेदारियों के तहत डिस्ट्रेस कॉल का जवाब दिया, क्योंकि यह हिंद महासागर में हमारे सर्च और रेस्क्यू एरिया में आता है।






