रायपुर, छत्तीसगढ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े विनायक ताम्रकार की खेत में अफीम की अवैध खेती पर प्रदेश में हलचल मची हुई है. जिला प्रशासन के अमले ने प्रारंभिक जांच भी शुरु कर दी है।अफीम की खेती देखने पहुंचे तहसीलदार की गाड़ी खेत में गिर गई. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अफीम की खेती की बात सुनकर वे स्वयं आज समोदा पहुंचे।
जिले के समोदा गांव में अफीम की अवैध खेती की जांच करने पहुंचे तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता की सरकारी गाड़ी खेत में जा गिरी। घटना उस समय हुई जब प्रशासनिक टीम गांव के अंदर अफीम की खेती का निरीक्षण करने जा रही थी। जानकारी के अनुसार समोदा गांव में अफीम की खेती की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी। गांव के अंदर जाने वाला रास्ता काफी संकरा होने के कारण वाहन को निकालने में दिक्कत हो रही थी। इसी दौरान सामने से पूर्व मुख्यमंत्री का काफिला आने पर तहसीलदार के ड्राइवर ने गाड़ी को साइड देने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी सड़क से उतरकर खेत में जा घुसी।

बताया जा रहा है कि इसी संकरी पगडंडी से कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का काफिला भी समोदा गांव पहुंचा था। हादसे में राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। तहसीलदार और वाहन में मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं। फिलहाल प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद है और अफीम की खेती के मामले की जांच भी जारी है। वहीं इस घटना के बाद गांव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बन गया।
भूपेश बघेल ने पूछा- यह प्रोजेक्ट भाजपा किसान मोर्चा का है या मंत्रियों का है?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अफीम की खेती की बात सुनकर वे स्वयं आज समोदा पहुंचे और खेती का मुआयना किया। इसके बाद एक नहीं दो ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल किया कि यह प्रोजेक्ट भाजपा किसान मोर्चा का है, या मंत्रियों का है? पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पहले ट्वीट सुशासन की अफीम!! – Part 1 में अफीम खेती में संलिप्त बताए जा रहे भाजपा किसान मोर्चा के नेता विनायक ताम्रकार का हवाला दिया है. उन्होंने कहा, ‘दुर्ग ज़िले के ग्राम समोदा में 10 एकड़ खेत में अफ़ीम की खेती कर रहे हैं. कल रात सूचना मिलते ही आज हम सब वहाँ पहुंचे हैं. बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हैं.’

उन्होंने कहा ‘विनायक ताम्रकार बहुत रसूख़दार आदमी बताया जा रहा है. उसका उठना बैठना बड़े अधिकारियों, मंत्रियों के साथ है. मुख्यमंत्री निवास में भी आने जाने की सूचना है. सवाल यह है कि यह प्रोजेक्ट भाजपा किसान मोर्चा का है या मंत्रियों का है?’






