*मुखियार समाज ने मनाया अंबेडकर जयंती
रायपुर, मखियार समाज एवं अम्बेडकर संघर्ष समिति द्वारा विगत दिनों वृंदावन हॉल में अम्बेडकर जयंती के पूर्व सामाजिक सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सामाजिक न्याय कार्यकर्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि 14 अप्रैल केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक महान व्यक्तित्व का जन्मदिवस है, जिन्होंने करोड़ों वंचित और शोषित लोगों को उनके अधिकार दिलाने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि जब समाज में घोर असमानता और भेदभाव व्याप्त था, तब एक छोटे से बालक ने संकल्प लिया कि वह शिक्षा प्राप्त कर व्यवस्था को बदलेगा—वह बालक थे डॉ. भीमराव अंबेडकर।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान के साथ ही इस देश के करोड़ों लोगों की तकदीर लिख दी। उनके द्वारा दिए गए संविधान के कारण आज हर व्यक्ति को समानता का अधिकार मिला है, वह सवाल पूछ सकता है, शिक्षा प्राप्त कर सकता है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकता है। अंबेडकर ने अपने संघर्ष, ज्ञान और दृढ़ संकल्प के बल पर भारत का संविधान रचकर करोड़ों लोगों को उनके मौलिक अधिकार दिलाए। उनके प्रयासों के कारण आज प्रत्येक व्यक्ति को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्राप्त है। वास्तव में, डॉ. अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की वह शक्ति हैं, जिन्होंने एक नए और समानतापूर्ण भारत की नींव रखी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष समिति एवं मखियार समाज के अध्यक्ष मनोज परासर, महासचिव विक्रम त्यागी, प्रभारी लक्ष्मी कांत बौद्ध, दीपक खांडेकर, संतोष बिछिया, ठाकुर राम रगड़े, श्याम सोनेकर, जितेन्द्र बेसरे, भारत महानंद, सुशील सांडेकर, नितिन महानंद, उमेश रगड़े, योगेश रगड़े, सत्या नागेश, केवल भन्नेट, आशीष भन्नेट, अजय भन्नेट, केशव सांडेकर, संरक्षक बीएल खांडेकर, कृष्णा सोनटक्के सहित बड़ी संख्या समाज के लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कुन्दन डोंगरे ने एवं आभार प्रदर्शन अध्यक्ष मनोज परासर ने किया।







