जगदलपुर, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में हुए आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने से 4 जवान शहीद हो गए. आईईडी ब्लास्ट में जवानों की शहादत की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. शहीद होने वाले जवानों में कांकेर- नारायणपुर जिले के 3 और बीजापुर जिले का 1 जवान बताया जा रहा है. इस घटना में संजय कुमार गढ़पाले, जिसकी सगाई 15 दिन पहले हुई थी, वह भी शहीद हो गया है. शहीद जवानों को आज नारायणपुर पुलिस लाइन में पूरे राजकीय सम्मान के साथ भावभीनी अंतिम सलामी दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, जवानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नम आंखों से वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम सलामी के बाद सभी शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना कर दिया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

संजय गढ़पाले का जीवन परिचय
बताया जा रहा है कि शहीद जवान संजय कुमार गढ़पाले कांकेर जिले के हराडुला का रहने वाला था. 14 फरवरी 1997 को संजय का जन्म हुआ था. उनके पिता गांव में सायकल स्टोर्स की दुकान चलाते हैं. साधारण परिवार में जन्मे संजय में बचपन से ही देश सेवा का जुनून था. पढ़ाई-लिखाई पूरी करने के बाद वह आर्मी में जाने की तैयारी करता रहा. आर्मी भर्ती में कुछ कारणों से चयन नहीं होने के बाद संजय ने स्थानीय स्तर पर हो रही बस्तर फाइटर भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया. 9 फरवरी 2022 को संजय की बस्तर फाइटर में नियुक्ति हो गई. ट्रेनिंग पूरी करने के बाद संजय नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जाते रहे अभियानों में शामिल होता रहा.

परिवार के अलावा थी कई जिम्मेदारियां
चार सदस्यीय परिवार में संजय घर का सबसे बड़ा बेटा था. घर पर पिता सुरेश गढ़पाले, मां और भाई संदीप गढ़पाले रहते थे. घर का बड़ा बेटा होने के कारण परिवार ने उसकी शादी के लिए लड़की ढूंढनी शुरू की. तलाश पूरी होने के बाद संजय की 15 तारीख को सगाई हो गई.
शादी की तैयारियों के बीच आई शहादत की खबर
सगाई के लिए संजय 5 दिन की छुट्टी लेकर घर आया था. परिजन जनवरी 2027 में शादी की तारीख निकालकर तैयारियों में जुटने ही वाले थे कि उससे पहले ही पुलिस की टीम ने घर पर दस्तक दी और बताया कि घर का बड़ा बेटा संजय शहीद हो गया है. बेटे की शहादत की खबर ने घर के सभी सदस्यों को तोड़कर रख दिया. अब घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है.
पिता का दर्द और अधूरे सपने
पिता सुरेश गढ़पाले का कहना है कि बेटे की सगाई हो गई थी और शादी जनवरी में होनी थी. शुरुआत से ही बेटा आर्मी में जाना चाहता था, लेकिन स्थानीय बस्तर फाइटर की भर्ती में उसका चयन हुआ. बांदे में पोस्टिंग के बाद छोटेबेठिया इलाके में संजय की तैनाती हुई थी. 15 तारीख को बेटे की सगाई हुई थी और शादी जनवरी में तय थी. बेटा परिवार के सपने पूरे करना चाहता था, लेकिन अब ये सपने कौन पूरा करेगा.







