RAIN; ‘अर्नब’ का गदर, बस्तर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में, मानसून की विदाई के पहले छत्तीसगढ़ तरबतर

रायपुर. विदाई से पहले मानसून छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अपने तेवर दिखा रहा है. खाड़ी में बना चक्रवात ‘अर्नब’ बीती रात ओडिशा और आंध्रप्रदेश के तटीय से जा टकराया. इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश का दौर जारी है. बस्तर का इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है. यहां झमाझम बारिश ने महानदी और इंद्रवती नदी का जलस्तर बढ़ा दिया है.

प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में है. लबालब भरने से जलाशय का पानी छोड़ा जा रहा है, इससे निचले क्षेत्र जैसे राजिम, नवापारा की ओर बाढ़ का खतरा बना हुआ है. इस बीच मौसम विभाग ने 20 से अधिक जिलों बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. मानसून की विदाई के पहले  छत्तीसगढ़ तरबतर हो गया है. .

बस्तर में चक्रवात के असर से जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए गरियाबंद, कांकेर, कोण्डागांव और धमतरी जैसे जिलों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. आपदा टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं.लगातार हो रही बारिश के चलते इंद्रावती नदी के सभी सहायक नाले उफान पर हैं. गोरियाबहार नाला भरने से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है. तिरिया, पोटनार, जगदलपुर समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. बारिश का असर वन विभाग के कार्यालय पर भी पड़ा है. कार्यालय की सभी शाखाओं में पानी भर गया है, जिससे कई रिकॉर्ड पूरी तरह भीग गए हैं. अमागुड़ा इलाके में हाईवे से लगी निचली बस्ती पूरी तरह जलमग्न हो गई है. लोग घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.

इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे स्थित तोमर फार्म हाउस पूरी तरह जलमग्न हो गया है. फार्म हाउस में 5 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही SDRF की टीम उन्हें रेस्क्यू करने के लिए मौके पर पहुंची. बताया जा रहा है कि यह फार्म हाउस इंद्रावती नदी के नए पुल के किनारे स्थित है. बढ़ते जलस्तर के चलते फार्म हाउस परिसर में पानी भर गया है, वहीं वहां खड़ा एक ट्रक भी पूरी तरह पानी में डूबा हुआ नजर आ रहा है.

दूध नदी उफान पर, स्कूलों में छुट्टी घोषित

कांकेर जिले में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश हो रही है. बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है. आमाबेड़ा, कुरना समेत अंदरूनी इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है. भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है. बारिश के दौरान जगह-जगह सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ. पुलिस और यातायात विभाग की टीम ने देर रात पेड़ों को हटाया. दूध नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद मस्जिद से अलाउंस कराकर लोगों को आगाह किया गया. 

पुल-पुलियों के ऊपर से बह रहा पानी, कई गांवों का टूटा संपर्क

कोंडागांव जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. इसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं. कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और पुल-पुलियों के ऊपर पानी आने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है. सुरक्षा को देखते हुए 25 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत टीमों को भेजा है. टीमें जलभराव और बढ़े हुए जलस्तर वाले इलाकों का जायजा ले रही हैं. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है. 

बाढ़ जैसे हालात, खाली कराई जा रहीं निचली बस्तियां

सुकमा जिले में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. कोंटा इलाके की निचली बस्तियों को खाली कराया जा रहा है. डोंडरा पंचायत में कई घरों को खाली कराया जा रहा है, जहां जनपद पंचायत की टीम मौके पर मौजूद है. छिंदगढ़ क्षेत्र के ओलेर, नेतानार, किकिरपाल, तालनार, गुम्मा और गंजेनार समेत कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं. वहीं, दोरनापाल-कोंटा और दोरनापाल-सुकमा के बीच नेशनल हाईवे पर कई जगह पानी भरने से जाम की स्थिति बनी हुई है. पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं.

सिकासार-गंगरेल बांध और रुद्री बैराज से छोड़ा गया पानी

गरियाबंद जिले के देवभोग और अमलीपदर तहसील में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. तेल नदी, सुख तेल नदी समेत सभी बरसाती नाले उफान पर हैं. सिकासार बांध में 87 प्रतिशत जलभराव के चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 15,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. कई इलाकों में घरों में पानी घुसना शुरू हो गया है. आधी रात से लोग रतजगा कर घर का सामान सुरक्षित बचाने की मशक्कत कर रहे हैं. बेलाट नाला में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि कुछ बच्चे खतरे के बीच नहाते नजर आए. हजारों एकड़ खेत जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने आज से शुरू होने वाली त्रैमासिक परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. पिछले 24 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है, जिसने लोगों को करीब 10 साल पहले आई बाढ़ की याद दिला दी है.

गंगरेल जलाशय लबालब

धमतरी में लगातार बारिश के चलते जलाशय लबालब हो गए हैं और प्रशासन अलर्ट मोड पर है. गंगरेल जलाशय 98.14 प्रतिशत भर चुका है, जहां रिकॉर्ड 64,117 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. मुरुमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत, दुधावा 97.21 प्रतिशत और सोढ़ुर जलाशय 88.18 प्रतिशत भर चुका है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंगरेल बांध के 10 गेट खोल दिए गए हैं, जिनसे कुल 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इसमें रुद्री बैराज से 6,000 क्यूसेक पानी नहर में और 48,950 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है. जरूरत पड़ने पर पानी छोड़ने की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है. इसके अलावा मुरुमसिल्ली से 7,286 क्यूसेक, दुधावा से 16,606 क्यूसेक और सोढ़ुर के 5 गेटों से 16,402 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है.

कुक्कड़ नदी उफान पर, पुलिया के ऊपर 4 फीट पानी

नारायणपुर जिले की कुक्कड़ नदी में जलस्तर बढ़ने से नदी पर बनी पुलिया एक बार फिर जलमग्न हो गई है। पुलिया के ऊपर लगभग 4 फीट पानी बह रहा है, जिसके कारण लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र तथा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) का मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।बताया गया कि यह स्थिति दूसरी बार बनी है, जब बाढ़ के कारण पुलिया पूरी तरह डूब गई है। नदी में तेज बहाव को देखते हुए पुलिया से आवागमन करना जोखिमपूर्ण है।

कालेज में छुट्टी

महाविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें कॉलेज नहीं आने की सलाह दी है। विद्यार्थियों से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे किसी भी परिस्थिति में जलमग्न पुलिया को पार न करें और अपने घरों पर सुरक्षित रहें। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विद्यार्थियों को आगामी सूचना के अनुसार ही कॉलेज आने के लिए कहा जाएगा।

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

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