
कोलकाता; पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ होने के कारण कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है. सीम शुभेंद्रू ने बाताया कि “पहले 17 लोगों की मौत हुई बाद में दो की. इस हादसे में 24 घायल लोग ख़तरे से बाहर हैं और एक की हालत थोड़ी गंभीर है. हमने अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. गृह मंत्री (अमित शाह) का कार्यक्रम था, उसे भी रद्द कर दिया गया है.”
कोलकाता से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी ने बताया है कि शुभेंदु अधिकारी ने मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपये के मुआवज़े की घोषणा की है और कहा है कि हर परिवार से एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी. हर घायल के इलाज का ख़र्च सरकार देगी और उन्हें पांच लाख का मुआवज़ा दिया जाएगा.
हादसे में ज़्यादातर महिलाओं और बच्चों की मौत हुई है. मुख्यमंत्री ने बताया है कि कोलकाता हाईकोर्ट के जज से मामले की जांच कराई जाएगी.पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया है कि यह हादसा शनिवार शाम क़रीब 7:30 बजे हुआ है.कोलकाता पुलिस की एएफएस टीम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है. जो भी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पश्चिम बंगाल में क़रीब 58 हज़ार जगहों पर दुर्गा पूजा आयोजित हो रही है. दुर्गा पूजा इस राज्य का सबसे बड़ा और मशहूर त्योहार है.कोलकाता और अन्य कई जगहों के पूजा पंडाल के देखने के लिए दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं, इस वजह से राज्य के पूजा पंडालों में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ होती है.

चोरबागान में आयोजित होने वाली पूजा 90 साल से ज़्यादा पुरानी है, लेकिन यहां पहले कभी ऐसी घटना देखने को नहीं मिली है.एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि “पहले यहां कभी ऐसा नहीं हुआ है. 91 साल हो गए हैं. अचानक बारिश हो गई, जिससे पैर फिसलने के कुछ लोग गिर गए.”चोरबागान पूजा पंडाल को देखने के लिए पहले भी ऐसी ही बहुत ज़्यादा भीड़ होती थी, लेकिन इस बार ऐसी घटना हो गई.
“वहां जगह काफ़ी संकरी थी. काफ़ी लोग कतार में खड़े थे. वहां पूरी तरह अंधेरा था और एक भी लाइट नहीं लगी थी. मेरी नातिन और अन्य बच्चे मेरे साथ थे. दो बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं. मैं भी गिर गया था. वहां हादसे के आधे घंटे तक कोई पुलिस या कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं था.””यह नहीं पता कि भगदड़ क्यों हुई, लेकिन यह हादसा भगदड़ की वजह से हुई. काफ़ी बारिश हो रही थी.” एक महिला चश्मदीद ने बताया, “यहां बहुत भीड़ हो गई और भीड़ की वजह से लोग गिर गए.” “यहां 91 साल से पूजा हो रही है. लोगों को भी समझना चाहिए कि एक महीने के बच्चे के साथ इतनी भीड़ में नहीं आना चाहिए.”







