
0 धान खरीदी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश, अमानक बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं पर होगी सख्त कार्रवाई
रायपुर, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा है कि प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि, आधुनिक कृषि तकनीकों का विस्तार और कृषि आधारित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बाजार की मांग के अनुरूप लाभकारी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विशेष रूप से धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मिलेट्स तथा अन्य अधिक आय देने वाली फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी आज रायपुर संभाग के अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, सहकारिता, बीज निगम, मंडी बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों द्वारा संचालित केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
15 नवंबर से धान खरीदी अभियान
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रारंभ होने वाले धान खरीदी अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कृषि, सहकारिता, मार्कफेड सहित संबंधित विभाग आपसी समन्वय से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करें। उन्होंने खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की तथा इन कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए साथी पोर्टल का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फसल विविधीकरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी
श्री परदेशी ने फसल विविधीकरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन और कोदो-कुटकी, रागी जैसी मिलेट्स फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने बताया कि धान के बदले अन्य निर्धारित फसलों की खेती करने पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए अनुदान देने का प्रावधान है। इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक किसानों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने उद्यानिकी फसलों के विस्तार पर जोर देते हुए फूलों, फलों, मखाना और ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित न रहे, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी परिणाममूलक प्रयास किए जाएं।
चक्रवात से फसलों को नुकसान होने पर तत्काल सर्वे करें
कृषि उत्पादन आयुक्त ने बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात श्अर्नबश् के संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चक्रवात के कारण प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में तत्काल सर्वे कराया जाए। उन्होंने प्रभावित किसानों के प्रकरण तैयार कर शासन के प्रचलित नियमों एवं योजनाओं के अंतर्गत पात्रतानुसार राहत और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अमानक कीटनाशक बेचने वालों पर चलेगा विशेष अभियान, जबरन अन्य उत्पाद बेचने पर भी होगी कार्रवाई
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने निजी कृषि आदान विक्रय केंद्रों में अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि कुछ निजी विक्रेता प्रतिष्ठित कंपनियों के बीज अथवा कीटनाशक खरीदने वाले किसानों को जबरन अन्य अमानक उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य करते हैं। इस प्रकार की फोर्स टैगिंग की प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने बिना लाइसेंस कीटनाशकों का विक्रय करने तथा अमानक उत्पाद बेचने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाने और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
बलौदाबाजार में 700 एकड़ में ब्लैक राइस उत्पादन की पहल की सराहना
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने किसानों को बाजार आधारित और अधिक लाभकारी खेती से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सुगंधित चावल एवं अन्य विशिष्ट कृषि उत्पादों की व्यावसायिक संभावनाओं का लाभ उठाने के निर्देश दिए। इस दौरान बलौदाबाजार जिले के कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले के कसडोल विकासखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्र में ब्लैक राइस का उत्पादन कराया जा रहा है। इसके विपणन के लिए जापान की एक कंपनी से समन्वय स्थापित किया गया है तथा 25 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से विक्रय की जानकारी दी गई।
हर जिले में विकसित होंगे दो से तीन विशिष्ट कृषि मॉडल
श्री परदेशी ने रायपुर संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों को कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के साथ समन्वय स्थापित कर जिले की जलवायु, मिट्टी, उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग के अनुरूप दो से तीन विशिष्ट कृषि गतिविधियों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि संबंधित जिले की कृषि क्षेत्र में अलग पहचान स्थापित हो सके। इससे किसानों को नई तकनीकों, बेहतर उत्पादन और विपणन के अवसर उपलब्ध होंगे।
बैठक में कृषि विभाग के संचालक राहुल देव, मार्कफेड के प्रबंध संचालक जितेंद्र शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, पशुधन विकास विभाग के संचालक चंद्रकांत वर्मा, मत्स्यपालन विभाग के संचालक एन.एस. नाग, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सावन्नी, एपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक सहित रायपुर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा कृषि, सहकारिता एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।







