LLB; कानून की पढ़ाई के लिए उम्र की बाध्यता समाप्त होना ऐतिहासिक कदम, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत

रायपुर, समाजिक संस्था राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक, अधिवक्ता भगवानू नायक ने LL.B. (विधि स्नातक) की शिक्षा ग्रहण करने के लिए अधिकतम आयु सीमा की बाध्यता समाप्त करने के बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे देश में विधिक शिक्षा के विस्तार, समान अवसर और संवैधानिक जागरूकता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है।

अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि 6 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा तीन वर्षीय एवं पांच वर्षीय LL.B. पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा समाप्त करने का निर्णय प्रस्तुत किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्णय को संज्ञान में लेते हुए संबंधित याचिका का निराकरण किया। यह निर्णय उन लाखों लोगों के लिए आशा की नई किरण है, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों, आर्थिक परिस्थितियों अथवा अन्य कारणों से कम उम्र में कानून की पढ़ाई नहीं कर पाए थे।
उन्होंने कहा कि कानून की शिक्षा केवल अधिवक्ता बनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नागरिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, न्याय व्यवस्था और संविधान के प्रति जागरूक बनाने का सशक्त माध्यम है। कानून की जानकारी जितनी अधिक आम नागरिकों तक पहुंचेगी, समाज में अन्याय, शोषण और अधिकारों के हनन के विरुद्ध संघर्ष उतना ही मजबूत होगा।

अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक राष्ट्र है। संविधान की मूल भावना तभी सशक्त होगी, जब देश का प्रत्येक नागरिक अपने मौलिक अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और कानूनी प्रावधानों से परिचित होगा। उम्र के आधार पर विधि शिक्षा के अवसर सीमित करना उचित नहीं था। शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा, योग्यता और संकल्प को उम्र की सीमा में बांधना नहीं चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि इस निर्णय से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग, ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों तथा उन व्यक्तियों को नई उम्मीद मिलेगी, जो जीवन के किसी भी पड़ाव पर कानून की पढ़ाई कर समाज और राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं। राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज इस निर्णय का स्वागत करता है और देश के सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे संविधान एवं कानून की शिक्षा के प्रति जागरूक हों। समाज के प्रत्येक वर्ग तक विधिक शिक्षा पहुंचाना और संविधान के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

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