
अमरावती, आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (एएसआर) जिले में शनिवार को सड़क निर्माण स्थल के पास हुए भीषण विस्फोट में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका समेत 7 लोगों की मौत हो गई। जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बरदार ने इन सभी की मौत की पुष्टि की है। हादसा अनंतगिरि मंडल के पिनाकोटा के पास हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि घटनास्थल पर मौजूद दो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए विस्फोट के कारणों की गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, पिनाकोटा के पास सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण स्थल पर चट्टानों को तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान जिलेटिन की छड़ों से लदे एक पिकअप वाहन के पास आग लगने और उसके बाद जोरदार विस्फोट होने की घटना सामने आई। धमाके की चपेट में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के साथ वहां से गुजर रही एक महिला शिक्षिका भी आ गईं।

यह भी बताया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर मजदूर एक पिकअप वाहन से डीजल और पेट्रोल को टिप्पर वाहन में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान एक वाहन में अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलकर पास में रखे एलपीजी सिलेंडर तक पहुंच गई, जिसके बाद भीषण विस्फोट हुआ। हालांकि, विस्फोट के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हादसे में कुल 7 लोगों की मौत हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 5 लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल दो अन्य लोगों की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतकों में वाहन चालक, सहायक, मशीन ऑपरेटर, सड़क निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिक और एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका शामिल हैं।
मृतक शिक्षिका की पहचान विशाखापत्तनम के मधुरावाड़ा निवासी सुनीता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह हादसे के समय निर्माण स्थल के पास से गुजर रही थीं और अचानक हुए विस्फोट की चपेट में आ गईं। अन्य मृतकों में एम. मणिकांत, नारायण राव, पवन कुमार, प्रवीण और टिंकू के नाम सामने आए हैं। टिंकू मशीन ऑपरेटर था और बिहार का निवासी बताया जा रहा है, जबकि पवन कुमार असम का रहने वाला था। सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। सभी मृतकों की व्यक्तिगत जानकारी और हादसे के समय उनकी भूमिका का विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है।






