KAWASI; मलकानगिरी में रहेंगे कवासी लखमा, कोर्ट से जमानत के बाद दादी का होगा नया ठिकाना

रायपुर, छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले में आरोपी और कोंटा से सात बार के विधायक पूर्व मंत्री कवासी लखमा अब पड़ोसी राज्य ओडिशा के मलकानगिरी में अपना नया ठिकाना बनाएंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई सशर्त जमानत के बाद, उन्हें छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बस्तर की राजनीति के कद्दावर नेता और पूर्व आबकारी मंत्री का राज्य से बाहर रहना दक्षिण बस्तर के राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। सुकमा से मात्र 30.3 किलोमीटर दूर मलकानगिरी में रहने से वे अपने क्षेत्र के संपर्क में तो रहेंगे, लेकिन कानूनी बंदिशों के कारण उनकी सक्रियता सीमित रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को जमानत देते समय कड़ी शर्तें रखी हैं। आदेश के मुताबिक, जमानत अवधि के दौरान वे छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। उन्हें जिस भी राज्य और जिले में रहना है, वहां के स्थानीय थाना में प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके अलावा, उन्हें अपना पासपोर्ट भी कोर्ट में जमा करना होगा l
सूत्रों के अनुसार, मलकानगिरी जिला मुख्यालय को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह उनके गृह जिले सुकमा के बेहद करीब है। कोंटा विधायक होने के नाते उन्हें मिलने वाली वैधानिक सुरक्षा और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के समन्वय में यहां से आसानी होगी। साथ ही, परिवार के सदस्यों के लिए भी उनसे मुलाकात करना सरल रहेगा। लखमा रायपुर केंद्रीय जेल से रिहा होने के बाद अपने अधिवक्ताओं से चर्चा कर ओडिशा रवानगी की तैयारी कर रहे हैं।



