
0 नवप्रवेशित कृषि विद्यार्थियों को शिक्षा, नवाचार, अनुशासन और किसान सेवा का दिया संदेश
नारायणपुर, बस्तर अंचल के लिंगो मुदियाल महाविद्यालय कृषि एवं अनुसंधान केंद्र, केरपाल, नारायणपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं कृषि शिक्षा की शैक्षणिक व्यवस्था, महाविद्यालय की गतिविधियों, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना रहा।
मुख्य अतिथि उप संचालक कृषि (DDA), नारायणपुर श्रीमती मोनिका ठाकुर ने विद्यार्थियों को कृषि विभाग की विभिन्न गतिविधियों एवं किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा कृषि को रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार के क्षेत्र के रूप में देखने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा कृषि स्नातक किसानों और कृषि विभाग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें महाविद्यालयीन जीवन की नई यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध किसान, गांव और समाज के विकास से है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, व्यावहारिक ज्ञान और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा एवं तकनीकी दक्षता का उपयोग किसानों की समस्याओं के समाधान तथा ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास में करें।
व्यावहारिक ज्ञान का महत्व
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, नारायणपुर डॉ. दिव्येंदु दास ने विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों तथा किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार की जानकारी दी। उन्होंने अनुसंधान एवं तकनीकी ज्ञान को खेत तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों के साथ निरंतर संवाद रखते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि सहायक संचालक कृषि, नारायणपुर श्री भोयर ने विद्यार्थियों को कृषि विभाग की कार्यप्रणाली एवं किसानों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को समझने और समाधान आधारित दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, लगन और तकनीकी दक्षता के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
वैज्ञानिक कृषि पर दिया जोर
विशिष्ट अतिथि सहायक प्राध्यापक शस्य विज्ञान नरेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक फसल उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित पोषण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण पर ध्यान देने की सलाह दी।उन्होंने कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर उत्पादन एवं किसानों की आय में सुधार की दिशा में कार्य करने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों को दीक्षारंभ का संदेश
दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन, पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा कृषि क्षेत्र में करियर की संभावनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का उपयोग समाज एवं विशेषकर ग्रामीण और कृषक समुदाय के विकास में करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में “ज्ञान से खेत तक और खेत से विकास तक” की भावना को केंद्र में रखते हुए विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सुश्री सोमा ने आभार प्रदर्शन करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, अधिष्ठाता, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।







