नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने पर अपनी स्पष्ट राय बताई है। नबी ने जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। बीसीसीआई सचिव देवजित साइकिया ने 29 साल के आकिब नबी के बारे में स्वीकार किया कि उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। हालांकि, साइकिया ने स्पष्ट किया कि नबी का चयन सेलेक्टर्स के हाथों में हैं, जिन्होंने उनका प्रदर्शन करीब से देखा है।

नबी का धांसू प्रदर्शन
बता दें कि आकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में 10 मैचों में 60 विकेट चटकाए। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। नबी ने सात बार एक पारी में पांच विकेट लिए, जो कि मौजूदा सीजन में किसी भी गेंदबाज द्वारा सर्वाधिक है। देवजित साइकिया ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, ‘आकिब नबी ने शानदार खेला। टीम की सफलता में उनका प्रमुख योगदान रहा। नबी ने क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में एक पारी में पांच विकेट चटकाए। उनके गेंदबाजी स्पेल ने फाइनल का नतीजा बदला। तो हर किसी ने उनके प्रदर्शन को ध्यान में रखा।’
चयनकर्ता लेंगे फैसला
साइकिया ने साथ ही कहा, ‘हमें अपने चयनकर्ताओं पर भरोसा है कि वो प्रत्येक रणजी ट्रॉफी मैच में मौजूद थे। फाइनल व अन्य मैचों में हमारे चयनकर्ता मौजूद थे। मुझे विश्वास है कि उन्होंने अपना काम शानदार ढंग से किया होगा। आकिब नबी वैसे ही चर्चा में हैं। चयनकर्ता निर्णायक फैसला लेंगे।’
भारतीय टीम में आएंगे नबी?
साइकिया ने कहा कि रणजी ट्रॉफी अभियान के दौरान जम्मू-कश्मीर के अन्य खिलाड़ियों व नबी को देखने के लिए चयनकर्ता मौजूद थे। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जहां स्थानीय चयनकर्ताओं ने नबी को जम्मू-कश्मीर टीम तक पहुंचाया, वहीं राष्ट्रीय चयनकर्ता फैसला करेंगे कि उन्हें भारतीय टीम में कब शामिल करना हैं। बीसीसीआई सचिव ने कहा, ‘बीसीसीआई ने सही मंच तैयार किया है कि प्रतिभा खराब नहीं जाए। जब चयनकर्ता मौजूद होते हैं तो उनका ध्यान केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होता है, जिसे वो करीब से फॉलो करते हैं। यही वजह है कि छोटे या कम पहचाने जानी वाली जगहों से कई खिलाड़ियों को देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है।’
घरेलू मैचों पर नजर
उन्होंने कहा, ‘नबी की जहां तक बात है। वो बारामुला से आते हैं। उन्हें इस जगह तक कौन लाया? जम्मू-कश्मीर के चयनकर्ता। बीसीसीआई चयनकर्ता उन्हें नहीं लाए। मगर जब वो घरेलू क्रिकेट या राज्य टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, तो बीसीसीआई चयनकर्ता घरेलू मैचों पर ध्यान रखते हैं।’






