
नईदिल्ली, भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाली स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है. मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने इसका ऐलान किया है. हरमनप्रीत ने यह फैसला गुवाहाटी में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला क्रिकेट टीम की रिव्यू मीटिंग के एक दिन बाद लिया है.
हरमनप्रीत कौर ने मिताली राज के बाद भारतीय महिला टीम की कप्तानी संभाली थी. उनकी अगुवाई में भारत ने पिछले साल पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम ने तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं.
आसान नहीं था फैसला
हरमनप्रीत ने कहा कि आज वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी से हट रही हैं. यह उनके लिए आसान फैसला नहीं है, क्योंकि इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और कई ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगीभर उनके साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया है. कई बार उन्हें अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, व्यक्तिगत विकास और महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि उनके लिए टीम हमेशा सबसे पहले रही.

कठिन फैसले के लिए चुकानी पड़ी कीमत
हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़े, जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया और कई बार उनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी. हालांकि, उनके हर फैसले के पीछे टीम को बेहतर बनाने और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने का मौका देना ही उद्देश्य रहा.
उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है. उन्होंने टीम को अपना सब कुछ दिया और भारतीय महिला क्रिकेट की अगुवाई करने के अवसर के लिए हमेशा आभारी रहेंगी. अब वह जिंदगी का नया अध्याय शुरू करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि कप्तानी भले ही आज खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा.
कप्तनी खत्म, लेकिन सफर अभी जारी
हरमनप्रीत ने ने अपनी सभी साथी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार और प्रशंसकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल और अच्छे दोनों दौर में उनका साथ दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना खून, पसीना, त्याग और गर्व सब कुछ टीम को दिया है और अब वह एक बार फिर सिर्फ खेल के प्यार के लिए मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि कप्तानी खत्म हुई है, लेकिन उनका सफर अभी जारी है.
बंद कमरे में क्या हुआ? क्या BCCI ने दबाव बनाकर लिया हरमनप्रीत कौर से इस्तीफा? कप्तानी छोड़ने की इनसाइड स्टोरी
24 घंटे पहले तक 24 घंटे पहले तक हरमनप्रीत ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान थीं, लेकिन फिर अचानक उन्होंने कैप्टेंसी छोड़ने का ऐलान क्यों कर दिया? ये फैसला उस रीव्यू मीटिंग के ठीक एक दिन बाद आया, जो गुवाहाटी में बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया और हेड कोच अमूल मजूमदार के बीच हुई. इस बैठक में हरमनप्रीत और उपकप्तान स्मृति मंधाना को भी बुलाया गया था. ऐसे में सवाल सिर्फ इतना ही है कि बंद कमरे में ऐसा क्या हुआ कि अगले ही दिन हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट से किनारा कर लिया? सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह फैसला पूरी तरह हरमन का था या फिर उन्हें मजबूर किया गया?

क्या हरमन की बढ़ती उम्र इस्तीफे का कारण
देखिए इतना तो तय है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है. हरमन 17 साल से क्रिकेट खेल रहीं हैं और लंबे समय से कप्तानी भी संभाल रहीं हैं. हरमन की ही कप्तानी में भारत ने पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता. 2025 में उन्होंने साउथ अफ्रीका को फाइनल में हराया. हाल ही में लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल पर भी कब्जा जमाया. इन तमाम उपलब्धियों के बावजूद हरमनप्रीत कौर की उम्र को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जो 37 साल की हो चुकीं हैं. इतना ही नहीं टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने कई बार खुले मंच से कप्तानी संभालने की अपनी इच्छा भी जाहिर की. कुल मिलाकर हरमनप्रीत के इस्तीफे को लीडरशिप में युवाओं को मौका देने से जोड़कर देखा जा रहा है?
2028 ओलंपिक में कप्तानी की जताई थी इच्छा
हरमनप्रीत कौर भारत की एकमात्र विश्व कप विजेता महिला कप्तान हैं. उन्होंने पहले 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक तक टीम की कप्तानी करने की इच्छा जताई थी जिसके लिए भारत पहले ही क्वालीफाई कर चुका है. हरमन ने एक दशक तक भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी की. वह 2016 में कप्तान बनी थीं. 2022 में वनडे की कप्तानी सौंपी गई और 2023 में वह सभी फॉर्मेट की कप्तान बन गईं. पंजाब के मोगा की रहने वाली इस खिलाड़ी ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उन्होंने टीम के लिए अपना सबकुछ लगा दिया. कप्तानी छोड़ने के बावजूद वह आगे भी सभी फॉर्मेट में भारत के लिए खेलती रहेंगी.
स्मृति मंधाना को कप्तानी होने की होने लगी थी डिमांग
हरमनप्रीत की गिनती भारतीय क्रिकेट इतिहास के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में होती है. हरमनप्रीत ने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 मैचों में भारत की कप्तानी की है. इस साल की शुरुआत में भारत टी-20 विश्व कप में जल्दी बाहर हो गया था. हरमन का बल्ला बुरी तरह फ्लॉप साबित हुआ था. इसके बाद डायना एडुल्जी जैसी पूर्व खिलाड़ियों ने मंधाना को कप्तान बनाने की डिमांड की थी.







