रायपुर, रायपुर जिले के धरसीवां क्षेत्र की कृषि सहकारी समिति की ग्राम खौना शाखा में बीते खरीफ सीजन के दौरान धान खरीदी में बड़ी अनियमितता सामने आई है। मामले में समिति के पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ 9 लाख 88 हजार 877 रुपए के गबन का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता सुजीत सिंह ठाकुर (52) ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि समिति के तत्कालीन पदाधिकारी पवन देवांगन और अन्य ने वर्ष 2025-26 के कार्यकाल के दौरान मिलीभगत कर वित्तीय गडबडी की। जांच में सामने आया कि समिति के खाते में 229.60 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी कीमत 7 लाख 11 हजार 760 रुपए बताई गई है।
हमाली भुगतान में भी हेराफेरी का आरोप
इसके अलावा 574 बोरे कम दर्शाकर 57 हजार 400 रुपए की अनियमितता की गई। इतना ही नहीं, हमाली भुगतान में भी हेराफेरी का आरोप है। जहां अनुबंध के अनुसार 10.50 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान होना था, वहां 15 रुपए प्रति क्विंटल दर्शाकर 2 लाख 19 हजार 717 रुपए का अतिरिक्त भुगतान दिखाया गया। इन सभी गड़बड़ियों को मिलाकर कुल 9 लाख 88 हजार 877 रुपए की अनियमितता सामने आई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।
10 कर्मचारियों पर एफआईआर की तैयारी
इसी तरह समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाले जांजगीर-चांपा जिले के तीन उपार्जन केंद्रों बिर्रा, कड़ारी और किरीत की जांच पूरी हो गई है। तीनों ही धान उपार्जन केंद्रों में लाखों का धान का गबन सामने आया है। तीनों उपार्जन केंद्रों में कुल 1 करोड़ 29 लाख का धान की गड़बड़ी उजागर हुई है। जिस पर तीनों उपार्जन केंद्रों के कुल 10 कर्मचारियों पर एफआईआर का आदेश जारी हुआ है। संबंधित शाखा प्रबंधकों को तत्काल संबंधितों पर एफआईआर दर्ज कराने कहा गया है। इससे हड़कंप मच गया है।







