
बिलासपुर, जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत पामगढ़ में दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतकों में वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामखिलावन जांगड़े और निजी क्लीनिक का संचालन करने वाले जोहितराम खरे शामिल हैं। दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम दोनों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया। इसके बाद पार्षद रामखिलावन जांगड़े को सिम्स बिलासपुर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, निजी क्लीनिक संचालक जोहितराम खरे को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पैसों के लेनदेन और शराब सेवन को लेकर चर्चा
घटना के बाद पैसों के लेनदेन और शराब सेवन को लेकर चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, जोहितराम खरे का अपने एक रिश्तेदार से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चलने की बात कही जा रही है। यह भी चर्चा है कि पिछले दो-तीन दिनों से पैसों की मांग की जा रही थी। हालांकि, इन बातों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी भी संभावित कारण को मौत से जोड़कर देखना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें
दोनों की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। मामले में पुलिस की जांच, चिकित्सकीय जानकारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल, घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोगों की नजरें जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।







