बिलासपुर, हाथी के हमले से धान उपार्जन केंद्र के एक मंडी प्रभारी की जान चली गई है. इस घटना में उसकी पत्नी और उपार्जन केंद्र में मौजूद दो से तीन कर्मचारी बाल-बाल बचे हैं. ये घटना कोरबाअ जिले के वनांचल क्षेत्र के हाथी प्रभावित ग्राम कुदमुरा की है. जहां बीती दरम्यानी रात लगभग 2 बजे उपार्जन केंद्र में हाथी के प्रवेश से भगदड़ मची गई. एक दंतैल हाथी ने अपना कहर बरपाया और मंडी प्रभारी की जान ले ली है. घटना के बाद वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा, समिति के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं.
आदिवासी सेवा सहकारी समिति कोरकोमा का धान उपार्जन केंद्र ग्राम कुदमुरा में है. यहां किसानों से खरीदे गए धान की बड़ी मात्रा उठाव के अभाव में उपार्जन केंद्र में पड़ी हुई है. कुदमुरा दशकों से हाथी प्रभावित इलाका है. खबर है कि यहां के उपार्जन केंद्र में पिछले कुछ दिनों से धान की चोरी हो रही थी. जिसके बाद आदिवासी सेवा सहकारी समिति, कोरकोमा के सेल्समेन राजेश कुमार सिंह निवासी प्रेम नगर, रजगामार को धान उपार्जन केंद्र का मंडी प्रभारी नियुक्त किया था. धान की सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए राजेश कुमार अपनी पत्नी व 2-3 अन्य कर्मचारियों के साथ उपार्जन केंद्र कुदमुरा में अस्थाई तौर पर रात के समय यहां निवासरत था.

मंगलवार बुधवार की रात करीब 2 बजे हाथी की धमक उपार्जन केंद्र में हुई, जिसे टॉर्च की रोशनी व शोर के सहारे भगाने की कोशिश के दौरान हाथी ने राजेश कुमार को अपनी चपेट में ले लिया और राजेश की जान चली गई. इस दौरान उपार्जन केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा.
अन्य लोगों ने भाग कर बचाई जान
देर रात के समय इधर-उधर भागते हुए राजेश की पत्नी और दो-तीन अन्य कर्मचारियों ने काफी मशक्कत कर अपनी जान बचाई है. इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. इधर घटना की जानकारी मिलने उपरांत वन अमला अपनी औपचारिकताओं में जुट गया है. पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.





