REHABILITATION; कृषि वैज्ञानिक आत्मसमर्पित नक्सलियों को सिखा रहे हैं खेती -किसानी

0 कृषि विज्ञान केंद्र मे कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम
जगदलपुर,बस्तर अंचल में आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास कार्यक्रम के अंतर्गत खेती -किसानी की जानकारी के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा के सभागार में आत्मसमर्पित नक्सलियों के आजीविका विकास हेतु संचालित पुनर्वास केंद्र के अंतर्गत माओवाद से प्रभावित हितग्राही कृषकों के लिए कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। बस्तर के नारायणपुर में भी जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में कृषि वैज्ञानिक आत्मसमर्पित नक्सलियों खेती-किसानी का प्रशिक्षण दे रहे है।

बता दें बस्तर में बडी संंख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिंन्हे पुनर्वास नीति के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बहरहाल सुकमा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 04 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 के बीच कुल 12 कार्य दिवस मे क़ृषि विज्ञान केंद्र एवं क़ृषि विभाग के सयुंक्त तत्वावधान मे क़ृषि विज्ञान केंद्र मे आयोजित किया जाएगा, जिसमें थ्योरी ज्ञान के साथ साथ मक्का, मूंग, सब्जियाँ की बुबाई कार्य के साथ साथ कृषि यन्त्रों का समुचित उपयोग, कीड़े बीमारी का उचित नियंत्रण, प्राकृतिक खेती, मशरुम उत्पादन एवं मछलीपालन पर विस्तार से प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिए जायेंगे साथ ही जिले के प्रगतिशील किसानों के खेतों मे भ्रमण कराया जायेगा,
इसी तारताम्य में कल कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर प्रतिभागियों से औपचारिक परिचय उपरांत कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों, कार्यप्रणाली एवं भूमिका के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई साथ कृषि विभाग के वरिष्ठ क़ृषि विस्तार अधिकारी सुरेश कुमार बेक द्वारा विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गईं। इस अवसर पर कृषकों को कृषि आधारित आजीविका के विभिन्न अवसरों, आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों, स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भरता से जुड़ी सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। क़ृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख एच. एस. तोमर, क़ृषि वैज्ञानिक राजेंद्र प्रसाद कश्यप, डॉ. योगेश कुमार सिदार और डॉ. संजय सिंह राठौर उपस्थित थे।



