
0 तेज बारिश और नदी-नालों में उफान के बीच मौके में पहुंचकर डॉ. रत्ना नशीने ने दी सावधानी बरतने की सलाह
नारायणपुर, बस्तर के नारायणपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कुक्कड़ नदी में तेज बहाव एवं उफान की स्थिति को देखते हुए लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौके पर लोगों को सतर्क किया। बारिश के दौरान पलकी रोड के नाले में पानी भर जाने से आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया था। इसी दौरान स्कूटी से जा रहे दो बच्चों को डॉ. रत्ना नशीने ने पानी के बीच से सुरक्षित पार कराया। उन्होंने लोगों को नाले के बढ़े जलस्तर एवं तेज बहाव के बीच आवागमन करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।
बता दें मूसलाधार बारिश के चलते नारायणपुर ही नहीं समूचे प्रदेश में नदी नाले उफान पर है। ऐसे में बरसते पानी में मौके पर पहुंचकर डॉ. रत्ना नशीने द्वारा कुक्कड़ नदी के रौद्र रूप और तेज बहाव को देखते हुए ग्रामीणों को नदी पार नहीं करने की स्पष्ट हिदायत दी गई। उन्हें बताया गया कि लगातार बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है तथा तेज बहाव में नदी पार करना जानलेवा हो सकता है। ग्रामीणों से अपील की गई कि जलस्तर सामान्य होने तक नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश
डॉ. रत्ना नशीने ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को भी स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़, जलभराव एवं तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। उन्होंने विद्यार्थियों को नदी-नालों के पास किसी भी प्रकार की मस्ती, सेल्फी अथवा जोखिमपूर्ण गतिविधि नहीं करने तथा अनावश्यक आवागमन से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में सबसे पहली प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में संयम बरतते हुए प्रशासन एवं संस्थान द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।लगातार बारिश एवं नदी-नालों में उफान की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों से सतर्क रहने, अनावश्यक जोखिम नहीं लेने तथा जलभराव एवं तेज बहाव वाले मार्गों से बचने की अपील की गई है।







