0 राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने ली अंतर्विभागीय बैठक
रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने सभी स्कूलों, छात्रावासों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में चावल, दाल, सब्जी एवं खाद्य तेल की प्रति डाइट पात्रता का स्थायी रूप से प्रदर्शित करने तथा इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए । श्री शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक है, किन्तु कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाना आवश्यक है।

आज नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में अंतर्विभागीय बैठक मे वर्ष 2025-26 के दौरान 21 जिलों में किए गए निरीक्षण एवं खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों द्वारा उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन एवं शासकीय आश्रम/छात्रावासों में पाई गई कमियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता बदतर
अध्यक्ष संदीप शर्मा ने ट्राइबल विभाग द्वारा संचालित बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता एवं सामग्री आपूर्ति में सुधार के निर्देश दिए गए तथा कन्या छात्रावासों की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर बताई गई। ट्राइबल विभाग द्वारा 21 जिलों की अनुशंसाओं के पालन प्रतिवेदन तथा पूर्व वर्षों के प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आयोग और खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर
बैठक में आश्रम एवं छात्रावासों में दैनिक भोजन मेन्यू के स्थायी प्रदर्शन, पात्रता अनुसार भोजन वितरण तथा शिकायत एवं सुझाव हेतु आयोग और खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति को पोषण ट्रैकर में सही तरीके से दर्ज करने तथा आकस्मिक निरीक्षण के माध्यम से सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अनियमित रूप से संचालित, सूचना प्रदर्शित नहीं करने वाली एवं स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने वाली उचित मूल्य दुकानों के संचालकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
छात्र को मेस प्रभारी नियुक्त करने का सुझाव
मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत प्रदेश में कार्यरत 2 केंद्रीकृत किचन में आयोग के दल द्वारा निरीक्षण में भोजन की गुणवत्ता एवं साफ-सफाई संतोषजनक पाए जाने पर अधिक से अधिक स्कूलों को इनसे जोड़े जाने की अनुशंसा की गई। छात्रावासों एवं विद्यालयों में भोजन एवं राशन की गुणवत्ता की निगरानी हेतु किसी छात्र को मेस प्रभारी नियुक्त करने का सुझाव भी आयोग द्वारा दिया गया।







