
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर उच्च न्यायालय में शासकीय मामलों की पैरवी के लिए आठ विधि अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके साथ ही राज्य शासन ने 23 पैनल वकीलों समेत कुल 31 अधिवक्ताओं को विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस संबंध में विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने दो अलग-अलग आधिकारिक आदेश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत उच्च न्यायालय में राज्य सरकार से जुड़े प्रकरणों की पैरवी को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जाएगा।
अधिकारियों की तैनाती
विधि एवं विधायी कार्य विभाग के आदेशों के अनुसार शर्मिला सिंघई और सुमित सिंह को अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही सुनीता मणिकपुरी और अविनाश चंद साहू को उप महाधिवक्ता पद का प्रभार सौंपा गया है। राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए तीन अधिवक्ताओं को शासकीय अधिवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें अरविंद दुबे, शरद मिश्रा और एचएपीएस भाटिया के नाम शामिल हैं। अक्षय उप्पल को उप शासकीय अधिवक्ता के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। यह सभी विधि अधिकारी उच्च न्यायालय में शासन के मुकदमों का पक्ष रखेंगे।
दो साल का कार्यकाल
आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि नियुक्त किए गए सभी विधि अधिकारियों का कार्यकाल दो वर्ष की अवधि के लिए होगा। इसके अतिरिक्त विभाग ने 23 पैनल लॉयर भी नियुक्त किए हैं, जो शासकीय कार्यों का संपादन करेंगे। इस प्रकार कुल 31 अधिवक्ताओं को राज्य सरकार की ओर से विभिन्न कानूनी दायित्व दिए गए हैं। इस नई नियुक्ति से उच्च न्यायालय में लंबित शासकीय मुकदमों की पैरवी में तेजी आएगी और राज्य सरकार का कानूनी पक्ष अधिक सशक्त ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा।







