0 हैदराबाद में सोयाबीन अनुसंधान परियोजना की वार्षिक बैठक में मिला सम्मान
रायपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) को राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2023-2025 की मूल्यांकन अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “सर्वश्रेष्ठ केंद्र पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रीय अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) नेटवर्क के अंतर्गत प्रदान किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने पुरस्कृत अनुसंधान दल के टीम लीडर एवं सदस्यों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं।
यह पुरस्कार रायपुर केंद्र की बहुआयामी उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया गया जिसमें अनुसंधान परीक्षण, वैज्ञानिक प्रकाशन, प्रजनन नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास, किसान संपर्क कार्यक्रम और बीज उत्पादन शामिल हैं। यह गौरवपूर्ण पुरस्कार अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) विश्वविद्यालय टीम के सदस्यों डॉ. सुनील कुमार नाग (प्रधान वैज्ञानिक), डॉ. रामा मोहन सावु (वरिष्ठ वैज्ञानिक) एवं डॉ. ऐश्वर्या टंडन (सह-प्राध्यापक) द्वारा प्राप्त किया गया। हैदराबाद स्थित प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय, राजेंद्र नगर में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) की 56वीं वार्षिक समूह बैठक में यह सम्मान प्रदान किया गया।
अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना एवं सोयाबीन, आईजीकेवी रायपुर में वर्ष 2001 से संचालित है और यह भारत के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में समन्वित अनुसंधान के माध्यम से सोयाबीन उत्पादकता बढ़ाने हेतु एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इन उपलब्धियों में और वृद्धि करते हुए, डॉ. सुनील कुमार नाग को सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास समिति, इंदौर द्वारा फेलो-2025 से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. तापस चौधरी को एक नवाचारपूर्ण तकनीक के विकास हेतु सम्मानित किया गया, जिसमें माइक्रोबियल कंसोर्टिया (ब्रैडीराईज़ोबियम डेकिंगेन्स एवं बैसिलस आर्यभट्टई) /10 ग्राम/किग्रा बीज के साथ बीज उपचार की सिफारिश की गई है, जो सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने तथा पोषक तत्व उपयोग दक्षता में सुधार करने में सहायक है।







