
रायपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सत्र 2025-26 के यूजी द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थी अधिकतम 4 थ्योरी प्रश्नपत्रों के पुनर्मूल्यांकन हेतु 13 से 19 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पुनर्मूल्यांकन शुल्क माफ रहेगा। पूर्व में आवेदन करने वाले विद्यार्थी भी पुनः आवेदन करेंगे; उनका पूर्व जमा शुल्क शीघ्र वापस किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज देर शाम इस आशय के आदेश जारी किया है। साथ ही सभी अधिष्टताओं से आग्रह है कि विद्यार्थियों तक उपरोक्त सूचना पहुंचाएं, जिससे छात्रों में भ्रम की स्थिति न बने। विश्वविद्यालय स्तर पर अनावश्यक प्रदर्शन की आशंका भी न रहे। बता दें अगस्त 2026 में चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं, जिनका परिणाम 8 अक्टूबर 2026 को घोषित किया गया। विद्यार्थियों का दावा है कि कृषि महाविद्यालय में चौथे सेमेस्टर में केवल 7 विद्यार्थी ही पास हुए हैं, जबकि शेष 100 विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के फेल होने से छात्रों में नाराजगी देखी गई।
कांकेर में प्रदर्शन
उत्तर बस्तर कांकेर के कृषि महाविद्यालय में चौथे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम को लेकर शुक्रवार को छात्र-छात्राओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए महाविद्यालय और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति के सचिव द्वारा विद्यार्थियों की मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन को विराम दिया गया।
107 में से 100 विद्यार्थियों के फेल होने का दावा
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के अनुसार, अगस्त 2026 में चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं, जिनका परिणाम 8 अक्टूबर 2026 को घोषित किया गया। विद्यार्थियों का दावा है कि कृषि महाविद्यालय में चौथे सेमेस्टर में कुल 107 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें से केवल 7 विद्यार्थी ही पास हुए हैं, जबकि शेष 100 विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के फेल होने से छात्रों में नाराजगी देखी गई।
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा
विद्यार्थियों ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कीट विज्ञान (AENT-221) विषय के प्रश्नपत्र के लीक होने की घटना सामने आई थी। इसके बाद विद्यार्थियों को 7 सितंबर 2026 को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी थी। छात्रों का कहना है कि दोबारा परीक्षा आयोजित होने के बाद घोषित परिणाम में सामने आई कथित विसंगतियों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने परीक्षा में उपस्थिति और परिणाम से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के आरोप भी लगाए।





