POLICE; कवर्धा SP का दर्द, सीएम को लिखा खुला पत्र, पदोन्नति नहीं दिए जाने पर जाहिर की नाराजगी

रायपुर, छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में पदोन्नति को लेकर एक IPS अफसर का दर्द निकलकर सामने आया है। वर्तमान में कवर्धा जिले में एसपी पद पर पदस्थ धर्मेंद्र सिंह छवई ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने साथ हुए कथित अन्याय, भेदभाव और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन की पीड़ा व्यक्त किया है। पत्र में अफसर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, नियमों के बावजूद उन्हें जानबूझकर पदोन्नति से वंचित रखा गया है।

दरअसल, धर्मेंद्र सिंह छवई वर्तमान में कवर्धा जिले के एसपी के पद पर पदस्थ हैं और पुलिस मुख्यालय द्वारा समय-समय पर जारी की गई पदोन्नति सूचियों (10 अक्टूबर 2024, 31 दिसंबर 2024, 26 मई 2025 और 31 जुलाई 2025) में उनके नाम पर विचार किया गया, लेकिन उन्हें पदोन्नत नहीं किया गया। इसका कारण बताया गया कि उनके विरुद्ध लोकायुक्त संगठन, भोपाल में जांच लंबित है।
अफसर ने अपने दर्द को शब्दों में बयां करते हुए लिखा है कि, जिन अफसरों पर उनसे कहीं अधिक गंभीर आरोप हैं, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज हैं और जिन मामलों में कोर्ट से अंतिम रिपोर्ट तक नहीं आई है, उन्हें पदोन्नति का लाभ दे दिया गया है। जबकि उनके मामले में न तो चार्जशीट जारी हुई है और न ही कोई विभागीय कार्यवाही लंबित है। पत्र में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 15 जनवरी 1999 को जारी पदोन्नति नियमों का हवाला देते हुए बताया गया है कि यदि अधिकारी निलंबित नहीं है, आरोप पत्र जारी नहीं हुआ है और कोर्ट में आपराधिक मामला लंबित नहीं है, तो उसे पदोन्नति से वंचित नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद उन्हें वरिष्ठ वेतनमान और DIG के पद पर पदोन्नति नहीं दी गई है।
धर्मेंद्र सिंह छवई ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद-16 के तहत समान अवसर के अधिकार का खुला उल्लंघन बताया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि, समान परिस्थिति वाले अफसरों को पदोन्नत किया गया है। जबकि उनके साथ भेदभाव किया गया, जिससे उनका मनोबल आहत हुआ है। अफसर के इस पत्र ने पुलिस विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।




