नईदिल्ली, नीट परीक्षा रद्द होने के बाद नई डेट घोषित की गई। नीट री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। नीट यूजी परीक्षा अगले साल से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। वहीं इस साल पेपर के लिए 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पर डिटेल में जानकारी दी है। उनका कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीट पेपर कैंसिल करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा। पेपर लीक को लेकर सरकार चिंतिंत है। छात्रों के प्रति सरकार की पूरी संवेदनाएं हैं। नीट पेपर लीक और गड़बडी के माफिया के खिलाफ अभियान जारी है।
नीट यूजी की परीक्षा 3 मई को देशभर में आयोजित की गई थी। इसके बाद पेपर लीक और परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने की जानकारी सामने आते ही इसकी जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया गया था। मामले की जांच चल रही है। पुलिस मास्टरमाइंड की तलाश में हैं। एजेंसियों की तरफ से दावा किया गया कि नीट पेपर लीक की कथित तौर पर शुरुआत नासिक से हुई। इसके बाद राजस्थान, उत्तराखंड, केरल, समेत अन्य जगहों पर गेस पेपर पहुंचा। कड़ी निगरागी और सुरक्षा के इंतजाम के बाद भी पेपर लीक कैसे हुआ? इस जगह हर एंगल से जांच की जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने कहा, “हम अनुचित तरीकों के प्रति बिल्कुल भी सहनशीलता नहीं रखते और परीक्षा माफिया के खिलाफ यह एक लंबी लड़ाई है. विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गलत सूचना फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है और इसे देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, जिसने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है. यह जांच भ्रष्टाचार की तह तक जाएगी. हम इस बार अनुचित तरीकों को होने नहीं देंगे. सभी उम्मीदवारों के लिए बहुत दुखी और चिंतित हैं, लेकिन राष्ट्रहित में हमें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा.”







