
अर्जुन तिवारी
रायपुर, शॉपिंग मॉल्स में पार्किंग शुल्क वसूलने पर लगी कानूनी रोक से बचने के लिए अब ‘फैसिलिटी मेंटेनेंस चार्ज’ (Facility Maintenance Charges) या ‘फैसिलिटी चार्ज’ के नाम पर वसूली का एक नया तरीका निकाला गया है। यह मामला विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सामने आया है, जहाँ कोर्ट और उपभोक्ता फोरम के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए ग्राहकों से घुमा-फिराकर पैसे वसूले जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि 20 से 50 रुपए तक वसूली के बाद भी वाहन चोरी होने पर माल सांचालाकों की कोई जावाबदेही भी नहीं है।
उपभोक्ता फोरम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मॉल को बिल्डिंग निर्माण की अनुमति (भवन अनुज्ञा) इसी शर्त पर दी जाती है कि वे आने वाले ग्राहकों को मुफ्त पार्किंग की बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराएंगे। जब उपभोक्ता अदालतों ने ‘पार्किंग शुल्क’ वसूलने को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया, तो मॉल संचालकों ने पर्ची (रसीद) पर नाम बदलकर ‘फैसिलिटी मेंटेनेंस चार्ज’ लिखना शुरू कर दिया। नाम बदलने के बावजूद काम वही है। मॉल में गाड़ी खड़ी करने पर ग्राहकों से दोपहिया वाहनों से ₹20 और चारपहिया वाहनों से ₹50 की वसूली जारी है, जबकि वीआईपी/वैले पार्किंग के नाम पर ₹50 से ₹100 तक वसूले जा रहे हैं। कई मॉल्स में तो महज 3 मिनट गाड़ी रुकने पर भी ₹30 तक वसूल लिए गए।
राजधानी के मॉल में राज्य शासन या निगम प्रशासन का नियंत्रण आखिर क्यों नहीं है राजधानी में दर्जनों मॉल खुले है परंतु न राज्य शासन की कोई नियत्रण है न निगम प्रशासन की अलबत्ता राजधानी की दर्जनों मॉल अपनी मनमर्जी चलाते है राजधानी के दर्जनों मॉल से निगम प्रशासन अच्छी मोटी रकम निगम प्रशासन टेक्स के रूप में वसूलती है परन्तु निगम प्रशासन को आवाम की कोई चिंता ही नहीं। निगम को अपनी मोटी रकम वसूलने के बाद अवाम की परेशानियों से कोई लेना देना ही नहीं है।
मॉल में खरीददारी करने वाले से स्टैंड में रखे जाने वाले वाहनों से अच्छी भली मोटी रकम वसूलती है। दो पहिया वाहनों की 20 रुपया प्रति वाहन और चार पहिया वाहन की पचास रुपया वसूल तो करती है परंतु स्टैंड में रखे वाहनों की मॉल की चोरी हो जाय उनकी कोई जवाबादारी ही नहीं है जिनका मॉल में रखे जाने वाले स्टैंड की दिए जाने वाले पर्ची में स्पष्ट उल्लेख भी कर रखे है। आपकी वाहन स्टैंड में रखे जाने से अगर कोई चोरी हो जाती है तो मॉल की कोई जवाबदेही ही नहीं है अगर मॉल की कोई गारंटी ही नहीं है तो वाहन रखे जाने पर मोटी रकम आखिर वसूल ही क्यों करते है, जिसका जवाब ना मॉल चलाने वाले के पास है न ही निगम प्रशासन के पास। आज शंकर नगर निवासी पेसे से इंजीनियर श्री चंद्र शेखर ध्रुव ने पर्ची दिखाते हुए कहते है कि रायपुर के दर्जनों संचालित होने वाले प्रायः सभी मॉल की स्थिति ही यही है यह पर्ची तेली बँधा स्थित सिटी मॉल की है जिसमें अग्रेजी में भाषा में स्पष्ट कह दिया है कि मॉल के स्टैंड में आपके द्वारा रखे गए वाहनों की मॉल प्रशासन की कोई जवाबदारी नहीं है अब प्रश्न ये उठता है कि मॉल के स्टैंड में रखे हुए ग्राहकों की वाहनों की जवाब दारी क्या वाहन रखने वाले वाहन मालिकों का ही है।







