
रायपुर, राजधानी रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में भी कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आग्रह करने की बात कही है.
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. छोटे-छोटे विषय विभिन्न विभागों के कारण पेंडिंग हुआ करते थे. अभी रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू है. आवश्यकता अनुरूप इसका विस्तार होना चाहिए. मुख्यमंत्री साय से इसे बिलासपुर और दुर्ग में भी प्रारंभ करने के लिए आग्रह करेंगे.
रायपुर पुलिस की कार्यशैली की सराहना
Raipur में लागू कमिश्नरेट सिस्टम के परिणामों का उदाहरण देते हुए उपमुख्यमंत्री ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने हाल ही में हुए धरमलाल कौशिक मोबाइल लूट मामले का जिक्र करते हुए बताया कि पुलिस ने महज पांच घंटे के भीतर मोबाइल बरामद कर लिया। उन्होंने कहा कि यह घटना पुलिस की तत्परता और बेहतर व्यवस्था का उदाहरण है, जिसे अब अन्य बड़े शहरों में भी लागू किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था को मिलेगा नया ढांचा
सरकार का मानना है कि कमिश्नरेट सिस्टम से पुलिसिंग अधिक प्रभावी होगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। इससे बड़े शहरों में बढ़ते अपराध, ट्रैफिक समस्या और अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सुधार आने की संभावना है।
झीरम हमले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज
नक्सलवाद और झीरम घाटी हमले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झीरम हमले से जुड़े सबूत सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार अपने कार्यकाल में पीड़ितों को न्याय दिलाने में सफल नहीं रही।
जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
सरकार ने संकेत दिए हैं कि रायपुर मॉडल के सफल क्रियान्वयन के बाद अब दुर्ग और बिलासपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इससे प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।







