0 ईरान वार का असर, दाम से भाडा ज्यादा
रायपुर, छत्तीसगढ़ के रायपुर में इस सीजन में आलू की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। थोक बाजार में आलू का भाव करीब 7 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है, जो पिछले दो दशकों में सबसे कम स्तर माना जा रहा है। रिकॉर्ड उत्पादन और खाड़ी देशों में निर्यात ठप होने के कारण बाजार में आपूर्ति बढ़ गई है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
इस बार देशभर में आलू का उत्पादन पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक हुआ है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में bumper फसल हुई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। अधिक आपूर्ति के चलते बाजार में संतुलन बिगड़ गया और कीमतें गिरकर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गईं।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में इस सीजन में आलू की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। थोक बाजार में आलू का भाव करीब 7 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है, जो पिछले दो दशकों में सबसे कम स्तर माना जा रहा है। रिकॉर्ड उत्पादन और खाड़ी देशों में निर्यात ठप होने के कारण बाजार में आपूर्ति बढ़ गई है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
रिकॉर्ड उत्पादन ने बिगाड़ा संतुलन
इस बार देशभर में आलू का उत्पादन पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक हुआ है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में bumper फसल हुई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। अधिक आपूर्ति के चलते बाजार में संतुलन बिगड़ गया और कीमतें गिरकर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गईं।
थोक सस्ता, खुदरा महंगा
एक ओर जहां थोक बाजार में आलू के दाम 7-8 रुपए प्रति किलो हैं, वहीं खुदरा बाजार में कीमतें 15 से 20 रुपए तक पहुंच रही हैं। शास्त्री बाजार समेत अन्य सब्जी मंडियों और ठेलों में ग्राहकों से दोगुने से भी ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।







