SC; ‘सभी मामलों में मुझसे एक साथ पूछताछ की जाए’, सुप्रीम कोर्ट में बोले पूर्व IAS अफसर अनिल टुटेजा, क्या हैं आरोप?

नई दिल्ली, पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार में एक ताकतवर ब्यूरोक्रेट थे और कई बड़े घोटालों में आरोपी हैं। उन्होंने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि ‘जांच एजेंसियों को सभी मामलों में उनसे एक साथ पूछताछ करने और ट्रायल पूरा होने तक उन्हें बेल देने का निर्देश दिया जाए।’

पूर्व ब्यूरोक्रेट की ओर से पेश हुए सीनियर वकील शोएब आलम ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच को बताया कि जब टुटेजा एक मामले में बेल मिलने के करीब थे, तब एजेंसियों ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार करने की अनोखी काबिलियत दिखाई है। आलम ने कहा कि टुटेजा अप्रैल 2024 से जेल में हैं और उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग और ED की ओर से लगातार कस्टडी में पूछताछ के लिए अपनी मर्जी से कहा है।

उन्होंने तर्क दिया कि एक बार ऐसा हो जाने के बाद, उन्हें सिर्फ सलाखों के पीछे रखने के लिए किसी एक मामले में गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। बेंच ने कहा कि एक ताकतवर ब्यूरोक्रेट के तौर पर टुटेजा के पास काफी पावर थी और उनके खिलाफ मामलों में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में पब्लिक मनी की हेराफेरी शामिल है। CJI की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, ‘कोर्ट ने उन मामलों में आपको जमानत दी है जहां विवेक का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन हम सभी मौजूदा और भविष्य के मामलों में जमानत देने का कोई ज़रूरी आदेश नहीं दे सकते।’

अनिल टुटेजा पर कितने घोटालों का आरोप?

सुप्रीम कोर्ट ने टुटेजा के खिलाफ मामलों को लिस्ट किया है। इनमें 175 करोड़ रुपये का राइस मिलिंग स्कैम, 600 करोड़ रुपये का डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) स्कैम, 540 करोड रुपये का कोल लेव्ही स्केम, 2000 करोड़ रुपये का शराब स्कैम, नागरिक पूर्ति निगम (PDS) स्कैम और महादेव बेटिंग ऐप स्कैम शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तारी का डर है तो वह गिरफ्तारी के बाद जमानत या अग्रिम जमानत मांग सकते हैं। बेंच ने कहा कि छत्तीसगढ हाईकोर्ट का टुटेजा की ओमनीब्स जमानत ( Omnibus Bail Order) याचिका पर विचार करने से मना करना सही था, लेकिन साथ ही कहा कि अगर वह एक हफ्ते के अंदर जमानत याचिका दायर करते हैं, तो हाई कोर्ट को दो से चार हफ्ते के अंदर प्राथमिकता के आधार पर उस पर फैसला करना चाहिए।

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

    Related Posts

    ED; भारतमाला मुआवजा घोटाले में रायपुर समेत 12 जिलों के कलेक्टर जांच के घेरे में, छत्तीसगढ़ में BJP नेता-कारोबारी के ठिकानों पर ईडी रेड में खुलासा

    रायपुर, छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने गत दिवस दुर्ग और बिलासपुर में रेड मारी है। दुर्ग में ‘अमर इंफ्रा’ के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के…

    AIRPORT; लैंडिंग के वक्त रनवे पर बंदर देख पायलट ने लगाया इमरजेंसी ब्रेक, रायपुर एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी

    रायपुर, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उस समय हलचल मच गई, जब अचानक एक बंदर रनवे पर आ गया। विमान के टेकऑफ और लैंडिंग के बीच…

    You Missed

    FASHION; ब्यूटी कांटेस्ट और फिल्मों की नायिका….

    FASHION; ब्यूटी कांटेस्ट और फिल्मों की नायिका….

    DEATH; दिग्गज सिंगर आशा भोसले का निधन, 92 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, कई महीनों से चल रही थीं बीमार

    DEATH; दिग्गज सिंगर आशा भोसले का निधन, 92 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, कई महीनों से चल रही थीं बीमार

    BOLLYWOOD; 84 साल के कृत्रिम जितेंद्र

    BOLLYWOOD;  84 साल के कृत्रिम जितेंद्र

    BOLLYWOOD; शादी के एक महीने बाद प्रेग्नेंट हुईं रश्मिका मंदाना? लिखा-‘अब हम 3 हो गए’

    BOLLYWOOD; शादी के एक महीने बाद प्रेग्नेंट हुईं रश्मिका मंदाना? लिखा-‘अब हम 3 हो गए’

    FILM; दुखती रग और धुरंधर…..

    FILM; दुखती रग और धुरंधर…..

    FILM; धुरंधर, फिल्म बड़ी नहीं लंबी होनी चाहिए…

    FILM; धुरंधर, फिल्म बड़ी नहीं लंबी होनी चाहिए…