
नईदिल्ली, दुनियाभर में 5 अक्टूबर को हर साल विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वर्ल्ड टीचर्स डे इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसे सेलिब्रेट करने की शुरुआत साल 1994 में यूनेस्को (UNESCO) द्वारा की गई थी। इस मौके पर भारत में शिक्षकों की संख्या पर भी चर्चा होती है। अगर सिर्फ भारत में शिक्षकों की कमी की बात की जाए, तो यूनेस्को की रिपोर्ट बताती है कि भारत के स्कूलों में 11 लाख से अधिक (11.16 लाख) शिक्षकों की कमी है। कुल स्वीकृत खाली पदों में से 69% रिक्तियां ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में पाई गई है। केंद्रीय विद्यालयों में करीब साढ़े 8 हजार और नोवदय विद्यालयों में 24.8% पद खाली हैं।
जिन राज्यों में शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी है, उनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और कर्नाटक शामिल हैं। हालांकि यह तब है जब साल दर साल शिक्षकों की संख्या में इजाफा भी हुआ है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ें बताते हैं कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर स्वीकृत पदों की संख्या दर 2021-22 में 19.69% थी, जो सुधार के साथ साल 2022-23 में 15.17% पर आ गई है।
यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस’ (UDISE+) 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार, 2022-23 से शिक्षकों की संख्या लगातर बढती आ रही है। 2022-23 की तुलना में 2025-26 तक 8.3 प्रतिशत शिक्षकों की संख्या बढ़ी है। यह पहली बार है कि 2026 में देश में 1 करोड़ से ज्यादा टीचर हैं।
| साल | शिक्षकों की संख्या |
| 2022-23 | 94,83,294 |
| 2023-24 | 98,07,600 |
| 2024-25 | 1,01,22,420 |
| 2025-26 | 1,02,73,020 |
सिंगल टीचर के भरोसे चल रहे 1 लाख से ज्यादा स्कूल
UDISE+ 2025-26 के अनुसार, भारत में सभी तरह के स्कूल मैनेजमेंट के तहत 1,00,843 ऐसे स्कूल थे जिसमें एक टीचर था । यह संख्या पिछले साल के मुकाबले लगभग 3% कम हुई है, लेकिन फिर भी यह देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था की एक अहम बात बनी हुई है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में, 2025-26 में आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा 16,357 ‘एक-टीचर वाले स्कूल’ थे। इसके बाद झारखंड (9,827), महाराष्ट्र (9,269), कर्नाटक (8,042), उत्तर प्रदेश (7,874), राजस्थान (7,200) और पश्चिम बंगाल (6,769) का नंबर आता है।
राज्य-वार ‘सिंगल-टीचर वाले स्कूलों’ की संख्या
| राज्या का नाम | सिंगल टीचर वाले स्कूलों की संख्या |
| आंध्र प्रदेश | 16,357 |
| झारखंड | 9,827 |
| महाराष्ट्र | 9,269 |
| कर्नाटक | 8,042 |
| उत्तर प्रदेश | 7,874 |
| राजस्थान | 7,200 |
| पश्चिम बंगाल | 6,769 |
| तेलंगाना | 4,793 |
| तमिलनाडु | 3,957 |
| असम | 3,159 |
| हिमाचल प्रदेश | 3,128 |
| उत्तराखंड | 2,655 |
| छत्तीसगढ़ | 2,461 |
| गुजरात | 2,335 |
| मध्य प्रदेश | 2,269 |
| बिहार | 2,006 |
| पंजाब | 1,749 |
| ओडिशा | 1,458 |
| जम्मू-कश्मीर | 1,544 |
| हरियाणा | 1,278 |
UDISE+ डेटा से पता चलता है कि स्कूल शिक्षकों की संख्या 2022-23 में 94.83 लाख से बढ़कर 2025-26 में 1.027 करोड़ हो गई है, जो चार साल की अवधि में लगभग 8.3% की वृद्धि है।







