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GANG RAPE; 8 दोषियों को उम्रकैद की सजा, कोर्ट ने कहा- आवारा नर पिशाचों ने पति-पत्नी को दिया जीवनभर का दर्द

सजा

 0 सामूहिक दुष्कर्म मामले में न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला

भोपाल, मध्य प्रदेश के रीवा जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुढ़ थाना क्षेत्र में पति को बंधक बनाकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म करने के अति जघन्य मामले में सभी 8 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर भारी जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला घटना के लगभग 5 महीने के भीतर आया है।

मध्य प्रदेश के रीवा जिले को दहला देने वाले गुढ़ गैंगरेप कांड में आज (बुधवार, 2 अप्रैल 2025) फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती पदमा जाटव की अदालत ने इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आठ दोषियों को उनके अंतिम सांस तक आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने दोषियों पर भारी जुर्माना भी लगाया है; एक दोषी पर 2 लाख 31 हजार रुपये और शेष सात पर 2 लाख 30 हजार रुपये प्रत्येक का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला घटना के मात्र 5 महीने और 12 दिनों के भीतर आया है, जो त्वरित न्याय का एक उदाहरण है।

रीवा गैंगरेप के दोषी

रामकिशन (28) पिता स्वर्गीय रामकुमार, गुढ, भूमिका- दुष्कर्म किया गरूड कोरी (26) – नई गढ़ी, भूमिका- दुष्कर्म किया रावेश गुप्ता (27) पिता कल्लू गुप्ता – गुढ, भूमिका – दुष्कर्म किया, सुशील कोरी (19) – रामपुर बघेलान, भूमिका- दुष्कर्म किया। रजनीश कोरी (25) पिता रामबान कोरी – गुढ, भूमिका- दुष्कर्म किया दीपक कोरी (24) पिता शिवचरण कोरी – गुढ, वारदात में सहयोगी राजेन्द्र (23) पिता शिवचरण कोरी – गुढ, वारदात में सहयोगी लवकुश कोरी (23) – नईगढ़ी, वारदात में सहयोगी।

क्या थी दिल दहला देने वाली घटना?

यह रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात पिछले साल 21 अक्टूबर 2024 को रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध भैरव बाबा मंदिर के पास घटित हुई थी। एक नवविवाहित दंपत्ति (जो कॉलेज में सहपाठी थे) पिकनिक मनाने और मंदिर दर्शन के लिए वहां गए थे। मंदिर से कुछ दूरी पर सुनसान इलाके में शराब के नशे में धुत आठ युवकों ने उन्हें घेर लिया। दरिंदों ने पहले पति को पकड़कर पेड़ से बांध दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद, पति की आंखों के सामने ही पांच आरोपियों ने बारी-बारी से महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

दरिंदगी की हदें और वीडियो बनाने का कुकृत्य

आरोपियों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। उन्होंने इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया और दंपत्ति को धमकाया कि अगर उन्होंने पुलिस में शिकायत की तो वे वीडियो को वायरल कर देंगे। पीड़िता ने बयान में बताया था कि आरोपियों ने उसके सिर पर शराब की बोतल फोड़ी, पति के गले पर टूटी बोतल अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी और उनके मिन्नतों और चीख-पुकार को अनसुना करते हुए करीब एक घंटे तक दरिंदगी करते रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उनका सामान और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए थे।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और फास्ट ट्रैक सुनवाई

अगले दिन, 22 अक्टूबर 2024 को पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर परिजनों के साथ गुढ़ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की और आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया गया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष 24 पुख्ता सबूत पेश किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने सभी आठों को दोषी करार देते हुए यह कठोर सजा सुनाई।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, आत्महत्या के विचार

इस भयावह घटना ने पीड़ित दंपत्ति और उनके परिवार को मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया था। पीड़िता के ससुर ने पहले बताया था कि घटना के बाद उनके बेटे और बहू इतने सदमे में थे कि वे कई बार आत्महत्या करने का मन बना चुके थे। परिवार को डर था कि वे कोई गलत कदम न उठा लें, इसलिए वे रात-रात भर जागकर उन पर नजर रखते थे। इस फैसले से शायद पीड़ित परिवार को न्याय का अहसास हो और उनके जख्मों पर कुछ मरहम लग सके।

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