Aadhaar Card;अब आधार कार्ड की जरूरत नहीं,वेरिफिकेशन क्यूआर कोड के माध्यम से

नईदिल्ली, देश के करोड़ों आधार कार्ड होल्डरों के लिए एक बड़ी खुशखबरी हैं। केंद्र सरकार ने डिजिटल आइडेंटिटी वेरिफिकेशन में एक कदम बढ़ाते हुए नया आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। अब इस ऐप के जरिए यूजर्स अपनी आधार से जुड़ी डिटेल्स को ऑनलाइन अपने फोन से ही वेरिफाई करा सकते हैं, जिससे अब आपको फिजिकल कार्ड (Aadhaar Card) या फोटोकॉपी की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस ऐप के जरिए यूजर्स क्यूआर कोड और फेस आईडी का इस्तेमाल करके आसानी से अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे। फिलहाल यह ऐप टेस्टिंग फेज में लॉन्च किया गया है और जल्द ही इसे सभी के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस ऐप से यूजर्स को अपने आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी को पूरी तरह से डिजिटल और सुरक्षित तरीके से शेयर करने की सुविधा प्रदान करेगा।

नए आधार ऐप की मुख्य विशेषताएं 

  1. Q-आर कोड सत्यापन: अब आधार वेरिफिकेशन क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा सकेगा, जैसे हम यूपीआई पेमेंट करते है। इससे वेरिफिकेशन प्रोससेर बहुत तेज़ और आसान हो जाएगी। 
  2. फेस आईडी वेरिफिकेशन: ऐप में एक और खासियत यह है कि, अब चेहरे से आधार की पहचान की जा सकेगी, जो पूर्णता डिजिटल होगा। इससे लंबी प्रक्रियाओं से छुटकारा मिलेगा।
  3. गोपनीयता और सुरक्षा: ऐप के माध्यम से आधार डेटा की सुरक्षा बढ़ेगी, और किसी भी प्रकार के डेटा लीक या मिसयूज़ से बचाव होगा।
  4. 100% डिजिटल: यह ऐप पूरी तरह से डिजिटल और सुरक्षित है, जिससे आधार डेटा का दुरुपयोग और चोरी की संभावना कम हो जाएगी।
  5. फोटोकॉपी की आवश्यकता नहीं: अब नागरिकों को अपनी आधार फोटोकॉपी देने की आवश्यकता नहीं होगी, चाहे वो होटल, दुकान या यात्रा के दौरान हो। सब कुछ डिजिटल होगा। 

कितना अलग है ये नया आधार ऐप?  
वर्तमान में आधार कार्ड से जुड़े सभी काम mAadhaar ऐप पर किए जाते हैं। आधार कार्ड के इस नए ऐप का डिजाइन, पुराने ऐप की तुलना में बेहद अलग और खास है। नया आधार ऐप और mAadhaar ऐप में मुख्य अंतर है उनके उपयोग और कार्यप्रणाली में। नया आधार ऐप क्यूआर कोड और फेस आईडी के माध्यम से आधार सत्यापन की सुविधा देता है, जिससे अब आधार की फोटोकॉपी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 

यह ऐप डिजिटल सत्यापन को सरल और सुरक्षित बनाता है, और यूज़र को अपनी जानकारी पर पूरा नियंत्रण देता है। वहीं, mAadhaar ऐप मुख्य रूप से आधार कार्ड का डिजिटल वर्शन स्मार्टफोन में स्टोर करने के लिए है, जिससे फिजिकल कार्ड की जरूरत नहीं होती, लेकिन इसमें वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड या फेस आईडी का उपयोग नहीं होता। नए आधार ऐप का उद्देश्य वेरिफिकेशन प्रोसेस को तेज़ और सुरक्षित बनाना है, जबकि mAadhaar ऐप यूजर्स को कार्ड की डिजिटल कॉपी दिखाने में मदद करता है।

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