रायपुर, बलौदाबाजार वन मंडल के वन परिक्षेत्र अर्जुनी में अक्टूबर माह में हुए मादा गौर शिकार प्रकरण में पांच माह से फरार चल रहे दो आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध दर्ज किया गया था। वन अफसरों को गिरफ्तार आरोपियों का नाम पता नहीं मालूम। जबकि गर्मी बढते ही जंगल में अवैध शिकार की शिकायत बढ गई है। शिकारियों का जंगल में प्रवेश बेधडक जारी है।

विभागीय सूत्रों ने दावा किया है कि घटना के बाद से ही वन विभाग द्वारा आरोपियों की लगातार निगरानी रखी जा रही थी। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और विशेष गश्त के माध्यम से आरोपियों की तलाश जारी थी। वन विभाग को आखिरकार दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस पूरी कार्रवाई में प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक गुलशन कुमार साहू, परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी सुश्री रुपेश्वरी दीवान, पार्थ शर्मा सहित बीट अधिकारी ललित कुमार वर्मा, भानुप्रताप आज़ाद एवं संदीप माथुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।






