नारायणपुर, लिंगो मुडियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में योग के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में निरंतर एवं संगठित प्रयास किए जा रहे हैं। महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने के मार्गदर्शन में पिछले 8 वर्षों से विद्यार्थियों को नियमित योग प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस दीर्घकालिक पहल के परिणामस्वरूप विद्यार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, साथ ही उनके मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं आत्मविश्वास में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
छात्रों का मानना है कि योग अभ्यास ने विद्यार्थियों में स्फूर्ति, ऊर्जा एवं कार्यक्षमता को बढ़ाया है, वहीं उनके भीतर सकारात्मक सोच के साथ अनुशासन की भावना को भी सुदृढ़ किया है, जिससे वे एक उत्तम, संयमित एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। डीन डॉ. नशीने ने अपने संदेश में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का माध्यम है, जो व्यक्ति को सम्पूर्ण रूप से स्वस्थ एवं सशक्त बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।
इसी क्रम में प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष योग शिविर का आयोजन किया जाता है। हर वर्ष आयोजित इस शिविर में छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों द्वारा उत्साहपूर्वक सहभागिता की जाती है। शिविर में ताड़ासन, सुखासन, तितली आसन, वज्रासन, वृक्षासन, अर्ध चक्रासन, अश्व संचलनासन, चक्रासन, धनुरासन, गोमुखासन, हलासन, नौकासन, पश्चिमोत्तानासन एवं सुप्त वज्रासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही विभिन्न प्राणायाम एवं सूर्य नमस्कार का भी नियमित अभ्यास कराया गया।
यह समग्र पहल न केवल विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संवर्धन में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मानुशासन एवं जीवन मूल्यों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह संस्थान आज एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभरकर समाज को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का सशक्त संदेश दे रहा है।







