पदोन्नति के लिए राजधानी में 20 अगस्त को महापंचायत

रायपुर,  छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत 11 वर्षों से रुकी हुई। प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करवाने के लिए पूरे प्रदेश से हज़ारों नियमित व्याख्याता तथा प्रधान पाठक लामबंद होकर “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” 20 अगस्त को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय व्याख्याता-प्रधान पाठक महापंचायत करने का एलान कर दिया है।

प्रदेश के सभी नियमित व्याख्याता तथा नियमित प्रधान पाठकों का प्राचार्य पदोन्नति के लिए अपनी एकजुटता को प्रदर्शित करने के लिए राज्य स्तरीय व्याख्याता-प्रधान पाठक महापंचायत कार्यक्रम का आयोजन राजधानी रायपुर में किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया हैं। इस संबंध में “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत विगत 11 वर्षों से प्राचार्य पदोन्नति नहीं हुई हैं। प्रदेश के 3266 से अधिक शासकीय हाई स्कूल- हायर सेकंडरी स्कूलों में प्राचार्य के पद रिक्त पड़े हैं। इन स्कूलों में पूर्णकालिक प्राचार्य के नहीं होने से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था तथा शिक्षा की गुणवत्ता बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि नियमित व्याख्याता-प्रधान पाठकों की राज्य स्तरीय महापंचायत में प्रदेश के सभी ज़िले से हज़ारों नियमित व्याख्याता तथा नियमित प्रधान पाठक माध्यमिक शाला सम्मिलित होकर प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करवाने के लिए एकजुट होकर संकल्प लेंगे। शासन से चुनाव आचार संहिता लागू होने के पूर्व प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करवाने के लिए राज्य स्तरीय व्याख्याता-प्रधान पाठक महापंचायत में “एक सूत्रीय प्राचार्य पदोन्नति का प्रस्ताव” पारित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, तथा संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ रायपुर को मांगपत्र प्रेषित करेंगे।

छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के प्रदेश संयोजक सिंह ने बताया कि राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत “टी” संवर्ग में वर्ष 2013 से तथा “ई” संवर्ग में वर्ष 2016 के बाद से हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्राचार्य पद पर पदोन्नति नहीं की गईं हैं । राज्य में 3266 से अधिक शासकीय हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूलों में वर्षों से प्राचार्य के पद रिक्त पड़े हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में 11 वर्षो से प्राचार्य पद पर पदोन्नति नहीं होने से “टी” तथा “ई” संवर्ग के सैकड़ों नियमित व्याख्याता तथा नियमित प्रधान पाठक सेवानिवृत्त हो गए हैं। प्राचार्य पद पर पदोन्नति का रास्ता देखते-देखते अनेकों व्याख्याता तथा प्रधान पाठकों की मृत्यु हो गईं हैं। 

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