रायपुर, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कभी भी जलसंकट गहरा सकता हैं। बारिश की कमी के चलते ऐसा संभव हैं, क्योंकि गंगरेल बांध में पानी काफी कम हैं। फिर भी नगर निगम रायपुर को रोजाना 300 क्यूसेक पानी देना पड़ रहा हैं। बारिश नहीं होने से गंगरेल का जल स्तर रिजर्व में हैं।
राजधनी वासियों को पेयजल के लिए रोजाना करीब 250 एम सीडी पानी की जरूरत होती हैं। गर्मी में यह जलापूर्ति करीब 295 एमसीडी तक पहुँच जाती हैं। इस पानी की आपूर्ति गंगरेल बांध से की जा रही हैं। बताया गया हैं कि गंगरेल बांध में पानी 20 फीसदी से भी कम हैं। पिछले माह इस अवधि में गंगरेल बांध में 25 फीसदी पानी था। इसके चलते बांध से पानी की आपूर्ति कभी भी बंद हो सकती हैं, क्योंकि महानदी परियोजना की सहायक नदियों दुधावा एवं सोंढूर में भी पानी क्रमशः 10 से 15 फीसदी हैं।
बारिश के चलते सामान्यतः जुलाई में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ जाता हैं एवं पानी की आपूर्ति नगर निगम को भाठागांव इंटकवेल से किया जाता हैं लेकिन बारिश कम होने से खारुन नदी में पानी का बहाव भी नहीं हो पाया हैं,और अभी भी गंगरेल से पानी लाया जा रहा है। इसलिये पानी की समस्या गहराने की आशंका हैं।
नगर निगम के जलप्रराज विभाग के अफसरों के अनुसार अभी नगर निगम क्षेत्र में जलप्रदाय के लिए 250 से 295 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जा रही हैं। तदनुरूप गंगरेल से पानी की मांग की जा रही हैं। बारिश कम होने से खारुन में पानी का बहाव नहीं हैं । इसलिये पानी प्रदाय करने गंगरेल बांध पर ही निर्भर होना पड़ रहा हैं।







