नई दिल्ली, डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि कुछ हवाई क्षेत्रों और डंपों पर हवा से बार-बार हमले हुए। सभी को विफल कर दिया गया। बताया गया है कि 7 से 10 मई के बीच नियंत्रण रेखा पर तोपखाने और छोटे हथियारों से गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के लगभग 35 से 40 जवान मारे गए हैं।
पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए
भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि हमने कई आतंकी ठिकानों की पहचान हमने की थी। लेकिन कई आतंकी ठिकाने डर की वजह से खाली हो गए थे। भारत ने काफी सोच-समझकर टारगेट तय किए। सेना ने आतंकी हमले का जवाब दिया। सेना ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया। उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा आतंकी स्ट्राइक में मारे गए। इसमें हाई वैल्यू टारगेट भी थे। हमने तीन बड़े आतंकियों को खत्म किया है। इसमें मुदस्सर खास, हाफिज जमील और यूसुफ अजहर शामिल हैं, जो आईसी814 के अपहरण और पुलवामा विस्फोट में शामिल थे।
एयरमार्शल भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेस में फिर स्पष्ट किया किया कि हमारी लड़ाई पाकिस्तानी सेना या किसी और से नहीं है। हमारी लड़ाई सिर्फ और सिर्फ आतंकवादियों से है। हमने सिर्फ आतंकवादियों को ही निशाना बनाया। लेकिन पाकिस्तान ने ड्रोन और यूएवी से अटैक किया। इसके बाद हमारे पास उनको जवाब देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।
पाक पर जवाबी कार्रवाई के लिए खुली छूट
DG MO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि 10 मई की सुबह पाकिस्तान के DGMO से हॉटलाइन पर मैसेज आया। उन्होंने बात करने के लिए पूछा, हमने तय किया है बात करेंगे। दोपहर 3.35 पर हमारी बात हुई, शाम 5 बजे से सीजफायर के लिए राजी हुए। जो समझौता हुआ है उस पर हमने फिर 12 मई को बात करने का तय किया है। लेकिन पाकिस्तान आर्मी ने कुछ ही घंटे में समझौते का उल्लंघन किया, जिसका जवाब दिया गया। सीडीएस ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करने के लिए सेना को खुली छूट दी है।
पहलगाम अटैक के बाद से नेवी भी थी अलर्ट
DG NO वाइस एडमिरल ए ए प्रमोद ने बताया पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेवी ने अपने एसेस्ट्स डिप्लॉय कर दिए थे। हमने अपनी ऑपरेशनल रेडिनोस के लिए समंदर में टेस्ट भी किए। नेवी ने पाकिस्तान की नेवी को डिफेंसिव पॉश्चर में रहने को मजबूर किया। वह पूरे टाइम अपने हार्बर में रहे।







