POLITICS;सत्ता का अहम ठीक नहीं, लीडरशिप कमजोर कर देता है, नागपुर से दिल्ली पर निशाना, नितिन गडकरी ने किसे दी चेतावनी?

नागपुर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने कुछ ऐसा कहा है, जिस पर बहस हो सकती है। नागपुर में उन्होंने शिक्षकों और प्राचार्यों के एक कार्यक्रम में यह बात कही। गडकरी ने कहा कि जब लोगों के पास ताकत, पैसा, ज्ञान या सुंदरता आ जाती है, तो अक्सर उनमें घमंड आ जाता है। उनका कहना था कि लोग सोचने लगते हैं कि वे ही सबसे ज्यादा समझदार हैं। इससे वे दूसरों पर अपनी बात थोपने लगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सम्मान जबरन नहीं लिया जा सकता, यह कमाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी में घमंड नहीं होना चाहिए।

नितिन गडकरी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति दूसरों पर दबाव डालकर महान नहीं बनता। उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन्हें लोगों ने खुद स्वीकार किया, उन्हें कभी भी किसी पर अपनी बात थोपने की जरूरत नहीं पड़ी।

मजाकिया लहजे में कही बड़ी बात

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नेताओं में बढ़ते अहंकार पर चिंता जताई। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, ‘मैं सबसे होशियार हूं। मैं ‘साहब’ बन गया हूं… मैं दूसरों को तो गिनता ही नहीं।’ उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का घमंड अच्छे नेतृत्व को कमजोर करता है।

सम्मान लायक होंगे तो जरूर मिलेगा’

टीमवर्क के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की ताकत, चाहे वह राजनीति हो, समाज सेवा हो या कोई कंपनी, मानवीय रिश्तों पर टिकी होती है। उन्होंने कहा कि आप अपने कर्मचारियों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, यह बहुत मायने रखता है। गडकरी जी का मानना है कि सम्मान मांगा नहीं जाना चाहिए, बल्कि कमाया जाना चाहिए। अगर आप इसके लायक हैं, तो आपको यह जरूर मिलेगा।

किस पर था नितिन गडकरी का इशारा?

नितिन गडकरी के इस बयान पर राजनीतिक विरोधियों ने अलग-अलग मतलब निकाले। कुछ लोगों का मानना है कि उन्होंने BJP के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नितिन राउत ने कहा कि नितिन गडकरी का इशारा BJP के उन नेताओं की तरफ था, जो आजकल अहंकारी और स्वार्थी हो गए हैं। वहीं विपक्ष के कुछ नेताओं ने कहा कि नितिन गडकरी ने सीधा पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

नौकरी के नाम पर रिश्वत का जिक्र

भ्रष्टाचार पर बोलते हुए गडकरी ने कहा कि शिक्षा विभाग में भी भ्रष्टाचार फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षक तो नौकरी लगवाने के लिए रिश्वत मांगते हैं। गडकरी जी ने कहा, ‘मुझे अच्छी तरह पता है कि शिक्षा विभाग में क्या चल रहा है।’ उन्होंने सार्वजनिक निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इतने भ्रष्ट सिस्टम में सड़कें कैसे बन रही हैं? गडकरी का मानना है कि कुछ लोग मुश्किलों को अवसर में बदल देते हैं, जबकि कुछ लोग अवसरों को बर्बाद कर देते हैं।

निगेटिव सोच वालों को फटकार

अधिकारियों की जवाबदेही पर गडकरी ने कहा कि जब आपको नौकरी मिलती है, तो आपकी परीक्षा ली जाती है। मैं पूछता हूं कि क्या आप गधे को घोड़ा बना सकते हैं? उन्होंने नकारात्मक सोच रखने वालों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह मत कहो कि यह सुधारा नहीं जा सकता-इसीलिए तो आपको बुलाया गया है।

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