स्वास्थ्य

NEGLIGENCE; एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी से मरीज की मौत, CMHO ने बनाई जांच समिति

गरियाबंद, छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से एक मरीज की मौत हो गई। निमोनिया से पीड़ित 35 वर्षीय मरीज  बसंत देवांगन को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं मिली जिस कारण से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

जिला मुख्यालय स्थित सोमेश्वर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान ऑक्सीजन की कमी से मरीज की मौत के मामले में सीएमएचओ ने चार सदस्यीय विशेषज्ञ जांच समिति का गठन किया है, जिसे 36 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएचओ द्वारा गठित इस समिति में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. हरीश चौहान, निश्चेतन विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र कुमार पात्रे, डॉ. गजेंद्र ध्रुव और डॉ. सुनील रेड्डी को शामिल किया गया है। यह टीम नर्सिंग होम एक्ट के तहत पूरे मामले की सूक्ष्म जांच करेगी।

बिना लाइसेंस अस्थि रोग की जांच का आरोप
सीएमएचओ ने बताया कि सोमेश्वर हॉस्पिटल को अस्थि रोग (हड्डी संबंधी) जांच और इलाज का लाइसेंस नहीं दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक मरीज की पसली टूटी हुई थी, इसके बावजूद अस्पताल द्वारा जांच और उपचार किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। बिना वैध लाइसेंस के इस तरह की जांच को गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।

रेफर के बाद एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी
जानकारी के अनुसार मरीज को रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिससे रास्ते में ही मरीज की मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम की जांच समिति द्वारा तथ्यात्मक पड़ताल की जाएगी।

पहले ही निरस्त हो चुका है आयुष्मान उपचार लाइसेंस
सीएमएचओ यू.एस. उईके ने बताया कि करीब तीन माह पहले अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल निर्धारित मानकों और आवश्यक सेटअप के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके चलते आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार का लाइसेंस पहले ही निरस्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि अस्पताल का इंफ्रास्ट्रक्चर मानकों के अनुरूप नहीं है और यह भी जांच की जाएगी कि पहले किन परिस्थितियों में नर्सिंग होम की अनुमति दी गई थी।

लापरवाही साबित होने पर लाइसेंस निरस्तीकरण तय
सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में नियम विरुद्ध कार्य और लापरवाही पाई जाती है, तो अस्पताल का नर्सिंग होम लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पतालों में नियमों के पालन को लेकर सख्ती के संकेत मिले हैं। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button