0 हमर संगवारी का खुलासा
जगदलपुर, बस्तर के कांकेर जिले में 160 राशन दुकानदारों द्वारा सरकारी नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए तथाकथित छह करोड़ रुपए का पंद्रह हजार क्विंटल घटिया चांवल बाजार से खरीद कर आम जनता को बेचने का खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार अंतर्गत हमर संगवारी के अध्यक्ष राकेश चौबे को मिली जानकारी के अनुसार 2023-24 में हुए राशन बचत घोटाले को दबाने के लिए किया गया है।
जानकारी के अनुसार नरहरपुर की राशन दुकान ने तीस लाख रुपए का चांवल बाजार से खरीदने की जानकारी दी है। दस से अधिक राशन दुकानों ने आठ से दस लाख रुपए का चांवल बाजार से खरीद कर राशन कार्ड धारको को बेचा है। सरकारी नियमों के अनुसार राशन दुकानों से केवल नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गुणवत्तायुक्त फोर्टीफाइड चांवल का ही वितरण किया जाना है। खाद्य विभाग के सूत्रों के अनुसार राशन दुकानदारों को बाजार से सामान्य चांवल खरीदने का भी विकल्प दिया गया। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि कांकेर जिले की राशन दुकानों की जांच का जिम्मा खाद्य संचालक द्वारा अतिरिक्त संचालक को दिया गया था। उनकी देखरेख में तथाकथित घटिया चांवल बिकने के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग हमर संगवारी के अध्यक्ष राकेश चौबे द्वारा की गई है।
प्रदेश में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के अनुसार राशन दुकानों में केवल नागरिक आपूर्ति निगम ही फोर्टिफाइड चांवल देनेके लिए एजेंसी है। इसके अलावा राशन दुकानदार किसी भी जगह से चांवल नहीं खरीद सकता है।कांकेर जिले में 160 राशन दुकानों द्वारा 6 करोड़ रुपए का घटिया चांवल तथाकथित रूप से न केवल खरीदा बल्कि कार्डधारकों को बांट भी दिया। बताया जा रहा है कि राशन दुकानदारों के द्वारा केवल फर्जी रूप से खाना पूर्ति करने के लिए बाजार से चांवल खरीदने का काम किया है। हमर संगवारी के अध्यक्ष का कहना है कि अगर बाजार से चांवल खरीदा गया है तो जिस राइस मिल या दुकान से चांवल खरीदा गया है उसका बिल होना चाहिए। सात सौ क्विंटल चांवल जिस वाहन से आया उसको भाड़ा दिया गया होगा उसका बिल होना चाहिए। राशन दुकानों में चांवल आने पर निगरानी समिति के सदस्यों का होना जरूरी है। पंचनामा अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं हुआ है तो एक घोटाले को दबाने के लिए दूसरा घोटाला किया गया है।
बताया जाता है कि जिलों की राशन दुकानों की प्रदेश स्तर पर गड़बड़ी को रोकने के लिए खाद्य संचालनालय के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। अतिरिक्त संचालक राजीव कुमार जायसवाल को धमतरी,कांकेर, बालोद जिले की जिम्मेदारी दी गई थी। राकेश चौबे ने बताया कि उनके द्वारा मांगे गए सूचना के अधिकार अंतर्गत मांगी गई जानकारी में कांकेर जिले के 160 राशन दुकानों द्वारा 2023-24 में भौतिक सत्यापन में कम पाए गए चांवल की भरपाई चांवल के प्रतिपूर्ति अथवा रिकवरी के रूप में किया जाना बताया गया है। मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री सहित खाद्य आयोग के अध्यक्ष को दस्तावेज भेज कर कांकेर में हुए 6 करोड़ रुपए के राशन घोटाले को दबाने के लिए किए गए घोटाले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।






