0 सीएम साय बोले- बस्तर में बंदूक नहीं, विश्वास की जीत
रायपुर, छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोध अभियान में बुधवार (11 मार्च) को बड़ी सफलता हाथ लगी है. बस्तर में 108 नक्सलियों को सरेंडर कर दिया है. ये राज्य का सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण माना जा रहा है. नक्सलियों के पास से 3 करोड़ 60 लाख रुपये कैश और 1 किलो गोल्ड बरामद किया गया है. नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं. अब तक प्रदेश से नक्सलियों की 30 में से 26 सेंट्रल कमेटी का सफाया हो चुका है.
सरेंडर करने वाले सभी नक्सली DKSZC ग्रुप के मेंबर हैं. इनमें 6 DVC, 3 CYPCM और 18 PPCM लेवल के नक्सली हैं. इसके साथ ही 23 ACM और 56 पार्टी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की जीत हो रही है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर में 3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादी कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बस्तर के लोगों में अब विकास और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
बस्तर में शांति का वातावरण बन रहा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों तथा बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इससे बस्तर में शांति का वातावरण मजबूत हो रहा है और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।







