रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की ओर से रायपुर संभाग के लिए महा जनसुनवाई सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की ओर से रायपुर संभाग के 292 प्रकरण की सुनवाई की गई। इस दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि आवेदिका अनावेदक आपस में पति-पत्नि है। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक पति अनावेदक किन्नर के साथ संबंध में है। जिसके कारण आवेदिका का पारिवारिक जीवन नष्ट हो चुका है।
तीन किस्तों में दिया जाएगा 5 लाख
आयोग की समझाईश पर आवेदिका को आजीवन भरण-पोषण के लिए 5 लाख देने के लिए तैयार है। जो तीन किस्तों में दिया जाएगा। इसके लिए आवेदिका ने बताया कि इस अनावेदक की लगभग 10 एकड़ जमीन है 50-60 हजार रुपए महीने कमाता है। अनावेदक इतने कम मुआवजे के लिए तैयार नहीं है। वह सभी अनावेदक के खिलाफ पुलिस में कार्रवाई चाहती है। क्योंकि अनावेदक पति अनावेदिका किन्नर के साथ अवैध संबंध में रहता हैं, इसलिए एसपी मुंगेली के माध्यम से अनावेदकगणों की उपस्थिति का आदेश आयोग द्वारा दिया गया। एक अन्य प्रकरण में आयोग की समझाईश पर अनावेदक अपने दोनो बच्चों के लिए प्रतिमाह 04 हजार रुपए देने के लिए तैयार हुआ।
तांत्रिक क्रिया से किया गया इलाज
एक अन्य प्रकरण में अनावेदिका का इलाज तांत्रिक से किया गया था और अनावेदिका को परेशान करने वाली का नाम आवेदिका का बताया गया था कि आवेदिका के टोना करने से अनावेदिका की तबीयत खराब हुई है। इसका वीडियो तांत्रिक ने बनाया और सोशल मीडिया में डालकर वायरल भी किया था। जिससे पूरे परिवार समाज में आवेदिका की छवि धूमिल हुई। आयोग ने कहा कि इस मामले में आवेदिका अनावेदकगणों के खिलाफ मानहानि का आपराधिक और कानूनी मामला दायर कर सकती है। इस बात का पता चलते ही अनावेदकगणों ने आयोग के समक्ष माफी मांगी और कहा कि जानबूझ कर आवेदिका को प्रताड़ित करने की उनकी मंशा नहीं थी।
विधवा बहू और सास-ससुर, नंनद का एक साल तक निगरानी
एकी अन्य प्रकरण में आवेदिका विधवा बहू है और अनावेदक उनके सास-ससुर, ननंद है। एक ही घर में उपर-नीचे रहते हैं, जिससे आपस में विवाद हुआ और घरेलू हिंसा का मामला न्यायालय में है। अनावेदिक ने कहा कि वह घर से आवेदिका को नही निकालेंगे बिजली पानी बंद नही करेंगे, चूंकि न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। सथ ही प्रोटेक्शन ऑफिसर को नियुक्त कर दोनों पक्षों की निगरानी 1 वर्ष तक किए जाने का आदेश आयोग द्वारा दिया गया।

148 प्रकरण को किया नस्तीबद्ध
इस महा जनसुनवाई में रायपुर संभाग के रायपुर जिले के 199 में से 115 प्रकरण, बलौदाबाजार के 43 में से 16 प्रकरण, धमतरी के 12 में से 07 प्रकरण, महासमुंद के 23 में से 06 प्रकरण और गरियाबंद के 15 में से 04, प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। कुल 292 प्रकरण में से 148 प्रकरण नस्तीबद्ध हुए। दोनों पक्षो के कुल 62 पक्षकारो ने पंजीयन कराया था, बाकी पक्षकार अनुपस्थित है जिसमें आगामी निराकरण के लिए प्रकरण प्रस्तुत किया जाएगा।







