रायपुर, पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका – इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए खरीफ फसल की तैयारी के पहले ही खाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी शुरु हो गई है। व्यापारियों ने आभी से खाद का अवैध भंडारण शुरु कर दिया है। खासकर यूरिया की कालाबाजारी चरम पर है।
राज्य में खरीफ सीजन में करीब 48 लाख हेक्टेयर में खेती की जाती है। इसके लिए बडी मात्रा में रासायनिक खाद की जरुरत होती है। बता दें पिछले आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ खाद की कालाबाजारी के मामलों में देश में पांचवें स्थान पर रहा है, जिसे देखते हुए इस सीजन में निगरानी और अधिक सख्त कर दी गई है। राज्य में फिलहाल पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया गया है। इसमें कुल उर्वरक स्टॉक: 7.48 लाख मीट्रिक टन, एनपीके (NPK): 1,69,109 मीट्रिक टन, यूरिया: 2,43,717 मीट्रिक टन एवं डीएपी (DAP): 1,05,631 मीट्रिक टनउपलब्ध है।

प्रदेश के राजनांदगांव जिले में कालाबाजारी, तस्करी और अमानक खाद की बिक्री रोकने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसी तरह की टीमें कोंडागांव और अन्य जिलों में भी बनाई गई हैं ताकि किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद मिल सके। मुंगेली जिले में यूरिया की निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बिक्री की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय के निर्देश पर एसडीएम अजय शतरंज, उप संचालक कृषि और नायब तहसीलदार की संयुक्त टीम ने जिला मुख्यालय के विभिन्न निजी कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान सुपर एजेंसी, पंजाब एजेंसी, कैलाश ट्रेडर्स और शक्ति माई कृषि केंद्र सहित कई दुकानों में पहुंचकर अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत की। यूरिया की वास्तविक बिक्री दर, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी ली गई, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने लाई जा सके। टीम ने पीओएस मशीन, स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रसीदों की गहन जांच की। प्रशासन का फोकस इस बात पर रहा कि कहीं किसानों से निर्धारित दर से ज्यादा कीमत तो नहीं वसूली जा रही या वितरण में कोई अनियमितता तो नहीं हो रही।
निरीक्षण के दौरान सभी विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए कि किसानों को केवल उनके पंजीकृत रकबे के आधार पर शासन द्वारा तय दर पर ही यूरिया दिया जाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं अधिक कीमत वसूली जाती है तो तुरंत इसकी शिकायत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।







