
महासमुंद, मंगलवार को पुलिस ने रेड की कार्रवाई कर मनीष अग्रवाल के घर से कुल 81 लाख की नकदी बरामद की. जब्त नोटों के बंडल को गिनने में पुलिस को कई घंटे लगे. पुलिस की ये कार्रवाई खैर लकड़ी के अवैध परिवन और फर्जी एनओसी से जुड़ी हुई है. पुलिस ने कार्रवाई व्यापारी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के मकान पर की. महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि नोटों के बंडल जो मकान से बरामद किए गए हैं, वो सभी बंडल 500 नोटों के हैं. पुलिस के मुताबिक मौके से कुल 162 बंडल 500 के नोटों के मिले हैं.

महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा, ”यह कार्रवाई खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए फर्जी एनओसी तैयार कर उसके इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच के दौरान की गई है. इस मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया है. प्रकरण में 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए एनओसी में कूटरचना और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच की जा रही है.”
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के मुताबिक, ”जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान की तलाशी के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया गया था. इसके बाद महासमुंद पुलिस की टीम ने 7 सितंबर को मकान में तलाशी ली. तलाशी के दौरान केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में एक थैला बरामद हुआ, जिसमें 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां रखी मिली.
जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस बरामद 81 लाख की रकम को अपराध से अर्जित संपत्ति के रूप में मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत कार्रवाई कर रही है. इसके लिए रकम की विधिवत कुर्की के लिए न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है. जांच अधिकारी का कहना है कि कार्रवाई का मकसद आरोपी को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ से वंचित करना है.
भारतीय वन अधिनियम, आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज
पुलिस के मुताबिक मामले में बीएनएस, भारतीय वन अधिनियम और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है. वहीं, पुलिस की ओर से फर्जी दस्तावेज, खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और इससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की भी जांच जारी है.






