0 भारत एवं उज्बेकिस्तान के मध्य द्विपक्षीय शैक्षणिक, अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग सुदृढ़ीकरण” विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होगा
रायपुर, भारत एवं उजबेकिस्तान के मध्य कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए उज़बेकिस्तान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल आज रायपुर पहुंचा। इस इस प्रतिनिधिमंडल में बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय सहयोग के उप-कुलपति प्रो. अब्रोर जोरायेव तुरोबोविच तथा समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसीन लाइवस्टाॅक एवं बायोटेक्नोलाॅजीस से अनुसंधान एवं नवाचार के उप-कुलपति प्रो. तयलाकोव तोलिब इसाकुलोविच सहित अन्य वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं वैज्ञानिक शामिल हैं।
यह प्रतिनिधि मंडल कल 7 मई 2026 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में “भारत एवं उज्बेकिस्तान के मध्य द्विपक्षीय शैक्षणिक, अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग सुदृढ़ीकरण” विषय पर आयोजित एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में भी शामिल होगा। इस संगोष्ठी का उद्देश्य दोनों देशों के मध्य शैक्षणिक संबंधों को और सुदृढ़ करना तथा कृषि मृदा विज्ञान, फसल मूल्य श्रृंखला, जैव प्रौद्योगिकी प्रोसेसिंग एवं तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में नए सहयोगात्मक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करना है।
उजबेक प्रतिनिधिमंडल 7 और 8 मई को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर रहेगा। इस दौरान यह अध्ययन दल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर की अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सुविधाओं तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संरचनाओं का अवलोकन करेगा। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में स्थापित कृषि उद्यमिता विकास एवं अनुसंधान संस्थानों का दौरा भी करेगा। इससे दोनों देशों के मध्य संयुक्त अनुसंधान, ज्ञान आदान-प्रदान एवं संस्थागत सहयोग के क्षेत्र में विस्तार होगा।
उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल के नेतृत्व में कृषि विश्वविद्यालय के उच्चस्तरीय शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल ने विगत माह उजबेकिस्तान के तरमेज़, डेनाऊ, ताशकंद, बुखारा एवं समरकंद स्थित प्रमुख विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों एवं अनुसंधान केंद्रों का दौरा किया था। इस शैक्षणिक यात्रा ने संयुक्त अनुसंधान, कृषि नवाचार, जैव प्रौद्योगिकी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, स्टार्टअप तथा उद्यमिता विकास जैसे विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की मजबूत आधारशिला रखी। यह यात्रा भारत एवं उज्बेकिस्तान के मध्य शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग को संस्थागत रूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।







