
0 अब तक हुए अंतरणों की होगी जांच, कलेक्टर के निर्देश पर वर्ष 2015 से 2026 तक स्वीकृत कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस प्रावधानों की होगी व्यापक पड़ताल
रायगढ़ , आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित भूमि के प्रावधानों का पालन नहीं करने के मामले में रायगढ़ जिला प्रशासन ने ग्राम बड़े अतरमुड़ा स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी के विकासकर्ता के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर हुई जांच में ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित नियमों के उल्लंघन तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने की पुष्टि होने पर कॉलोनी विकासकर्ता अभिषेक अग्रवाल का कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण निरस्त कर दिया गया है। साथ ही कॉलोनी के भूखंडों के क्रय-विक्रय पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है।
एसडीएम रायगढ़ महेश शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान कॉलोनी विकासकर्ता से ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत भूमि के संबंध में आवश्यक दस्तावेज सहित स्पष्टीकरण मांगा गया था। विकासकर्ता द्वारा ग्राम नवापाली, तहसील पुसौर स्थित भूमि को ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित बताया गया। जांच में उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में विकासकर्ता के नाम पर कृषि भूमि के रूप में दर्ज पाई गई। साथ ही इस भूमि को सक्षम प्राधिकारी को हस्तांतरित किए जाने संबंधी आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि ग्रीन पार्क कॉलोनी के लिए बताई गई ईडब्ल्यूएस भूमि निर्धारित क्षेत्र की सीमा में स्थित नहीं है।
नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने लिया कड़ा निर्णय
जांच में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कॉलोनी विकासकर्ता को जारी कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। ग्राम बड़े अतरमुड़ा स्थित खसरा नंबर 198/5, रकबा 1.978 हेक्टेयर में विकसित ग्रीन पार्क कॉलोनी के भूखंडों के क्रय-विक्रय पर भी आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। इसके चलते कॉलोनी के भूखंडों के नए अंतरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू हो गया है।
अब तक हुए भूखंडों के अंतरण की भी होगी जांच
प्रकरण में तहसीलदार रायगढ़ को कॉलोनी विकासकर्ता द्वारा अब तक किए गए भूखंडों के अंतरण की जांच कर एक माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित कॉलोनी विकासकर्ता के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत दांडिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कॉलोनी विकास से संबंधित वैधानिक प्रावधानों तथा ईडब्ल्यूएस भूमि के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
2015 से 2026 तक स्वीकृत कॉलोनियों में होगी ईडब्ल्यूएस भूमि की जांच
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में वर्ष 2015 से 2026 तक स्वीकृत कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस भूमि से जुड़े प्रावधानों की व्यापक जांच शुरू की गई है। जांच के दौरान ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित भूमि की स्थिति, नामांतरण, मौके पर उपलब्धता, उपयोग तथा संबंधित भूखंडों के क्रय-विक्रय सहित अन्य वैधानिक प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है। किसी भी कॉलोनी में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कॉलोनाइजर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






