रायपुर, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में जनगणना का महाभियान आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। शहर के वार्डों में कर्मचारियों ने मकानों के बाहर नंबर लिखने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। अगर आपके घर के बाहर भी अचानक कोई लाल या काले रंग से नंबर लिख रहा है, तो चौंकिए मत यह जनगणना की पहली सीढ़ी है। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और प्रशासन ने इसके लिए कमर कस ली है।

हर घर से पूछे जाएंगे 33 सवाल
दरअसल, इस बार जनगणना सामान्य नहीं होगी। मकानों की नंबरिंग के बाद कर्मचारी आपके घर पहुंचेंगे और कुल 33 सवालों की लिस्ट के साथ आपसे जानकारी मांगेंगे।
- दीवार और फर्श किस सामग्री से बना है?
- घर में बिजली, पानी, शौचालय और इंटरनेट है या नहीं?
- आपके पास लैपटॉप, स्मार्टफोन या रेडियो है?
- आपके पास कौन सी गाड़ियां (साइकिल, स्कूटर या कार) हैं?
- खाना पकाने के लिए किस ईंधन (गैस या अन्य) का इस्तेमाल करते हैं?
रायपुर में 5700 कर्मियों की फौज
गौरतलब है कि सिर्फ रायपुर जिले में इस काम के लिए 5700 कर्मचारियों को मैदान में उतारा गया है। इसमें सरकारी स्कूलों के शिक्षक और राजस्व विभाग का स्टाफ शामिल है। पूरे छत्तीसगढ़ में करीब 65 हजार प्रगणक इस ड्यूटी में जुटे हैं। सूत्रों ने बताया कि एक कर्मचारी को औसतन 150 से 200 घरों का डिजिटल डेटा मोबाइल ऐप पर रियल-टाइम अपलोड करना होगा। एक तरफ जनगणना का काम जोरों पर है, तो दूसरी तरफ ड्यूटी से बचने के लिए निगम दफ्तरों में आवेदनों का ढेर लग गया है। कोई बीमारी का हवाला दे रहा है तो कोई छोटे बच्चों का। हालांकि, प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि बिना भौतिक सत्यापन के किसी की भी ड्यूटी नहीं कटेगी। लापरवाही बरतने वालों पर कड़ाई की जाएगी।
बता दें कि पहली बार देश की जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में हो रही है। रायपुर के नवा रायपुर, नगर निगम और तहसील क्षेत्रों के लिए अलग-अलग चार्ज ऑफिसर तैनात किए गए हैं। जनता के लिए जरूरी है कि वे सही जानकारी दें, क्योंकि इसी डेटा के आधार पर भविष्य में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का खाका तैयार होगा







