कोलकाता, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री का चेहरा तय कर लिया है. विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया, जो सर्वसम्मति से पारित हो गया. बैठक के बाद सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान अमित शाह ने किया. अमित शाह ने बताया कि बैठक के केवल एक ही नाम का प्रस्ताव आया था, जिस पर सभी ने अपनी सहमति दी. सुवेंदु 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे होगा.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली जीत के बाद से ही यह तय माना जा रहा था कि सुवेंदु अधिकारी ही सीएम होंगे. विधायक दल की बैठक में भी इस पर मुहर लग चुकी है. सुवेंदु ने CM ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराया है. इसके साथ-साथ उन्होंने नंदीग्राम सीट पर भी दूसरी बार जीत दर्ज की है.
बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार
पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है. पिछले चुनाव में बीजेपी को 77 सीट मिली थी. यही हाल कुछ इस बार के चुनाव में टीएमसी का हुआ है. पार्टी 80 सीटों पर सिमट चुकी है. 15 सालों की मेहनत के बाद बंगाल में बीजेपी की सरकार बन रही है. इसका मुखिया सुवेंदु अधिकारी को बनाया गया है.
कभी ममता के करीबी थे सुवेंदु
सुवेंदु टीएमसी एक समय पर टीएमसी में हुआ करते थे और ममता बनर्जी के बेहद करीबी थे. सुवेंदु अधिकारी ने साल 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया था. उस समय उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था. तब से ही वह अमित शाह के खास बने हुए थे. बीजेपी में आने के बाद से ही वह ममता बनर्जी के खिलाफ खुलकर थे. बंगाल में जीत का श्रेय भी सुवेंदु को ही जाता है.
कौन हैं सुवेंदु अधिकारी?
सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम आंदोलन से पहचान मिली थी. साल 2021 में ममता बनर्जी को हराकर चर्चा में आ गए. सुवेंदु अधिकारी को जमीनी नेता माना जाता है. उनका संगठन में मजबूत कंट्रोल माना जाता है. इसके साथ ही वह आक्रामक राजनीति के लिए जाना जाते हैं. पश्चिम बंगाल के कोंताई (पूर्व मेदिनीपुर) से आने वाले नेता सुवेंदु ने उसी नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया था.







