
– रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा तथा भाटापारा-बलौदाबाजार के लोगों को होगा फायदा
रायपुर, रायपुर सहित छह जिलों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 286 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 400 केवी डीसीडीएस क्वाड मूस धरदेही-बिलासपुर पूल (पावरग्रिड-पीजीसीआईएल) पारेषण लाइन को आज दोपहर 12:34 बजे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया। लगभग 50.7 किलोमीटर लंबी इस पारेषण लाइन के चालू होने से रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा तथा भाटापारा-बलौदाबाजार जिलों की विद्युत पारेषण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे अधिक एमवीए विद्युत शक्ति का पारेषण संभव होगा और वर्तमान एवं भविष्य की विद्युत मांग पूरी करने में सहायता मिलेगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला की उपस्थिति में पारेषण लाइन का ऊर्जीकरण हुआ। इस 400 केवी डीसीडीएस क्वाड मूस पारेषण लाइन के निर्माण के दौरान चार स्थानों पर अन्य विद्युत लाइनों की क्रॉसिंग का कार्य हॉटलाइन पद्धति से सफलतापूर्वक किया गया। इसके अतिरिक्त रेलवे क्रॉसिंग का कार्य भी बिना पावर ब्लॉक लिए हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग पद्धति से पूरा किया गया। परियोजना निर्माण के दौरान राइट ऑफ वे (मार्गाधिकार) से संबंधित कई गंभीर चुनौतियां भी सामने आईं। इन चुनौतियों के बावजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क से परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर चालू किया गया।
नई पारेषण लाइन से अधिक विद्युत शक्ति का पारेषण संभव होगा। इससे छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी की वर्तमान एवं भविष्य की विद्युत मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।







