रायपुर, रायपुर जिले के गिरौद गांव में जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल के खिलाफ सरकारी जमीन की अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आया है. कलेक्टर के आदेश पर हुई जांच में पाया गया कि कारोबारी बसंत और उनसे जुड़े लोगों ने सरकारी तालाबों, चारागाहों और निस्तारी जमीनों पर मुरूम बिछाई, बाउंड्रीवॉल बनाया और अतिक्रमण कर लिया. एक सरकारी जमीन को बेचना का मामला भी सामने आया है.
जानकारी के मुताबिक, मामला धरसींवा तहसील के अंतर्गत ग्राम गिरौद का है. स्थानीय निवासी परमानंद साहू ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते इस तरह की गतिविधियां लगातार जारी हैं. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए थे, जिसके बाद तहसीलदार ने विस्तृत जांच कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.
जांच के दौरान हल्का पटवारी ने ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थल निरीक्षण किया. जांच में खसरा नंबर 511/5, 630, 634, 636, 638, 644 सहित अन्य भूमि पर अतिक्रमण पाया गया. प्रतिवेदन में सामने आया कि चराई निस्तारी भूमि और भू-जल से संबंधित श्रेणी की जमीन पर अवैध प्लाटिंग के लिए मुरूम डालकर सड़क बनाई गई. इसके अलावा चरागाह मद में दर्ज भूमि पर भी अतिक्रमण कर प्लॉटिंग की गई और उसे बेचा गया. जांच में यह भी पुष्टि हुई कि भू-जल के नीचे दर्ज जमीन को समतल कर कुछ हिस्सों में मुरूम सड़क का निर्माण किया गया. तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में इन सभी बिंदुओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है, जिससे शासकीय भूमि के दुरुपयोग और अवैध बिक्री की पुष्टि हुई है.
जांच प्रतिवेदन में इनका नाम
सरकारी जमीन के अवैध कब्जा मामले की जांच में कारोबारी बसंत अग्रवाल, पूनम चौधरी और ओमप्रकाश सरवैया का नाम सामने आया है. इनके द्वारा सरकारी तालाबों, चारागाहों और निस्तारी जमीनों पर कब्जा किया गया है. इस मामले में एसडीएम नंद कुमार चौबे ने कहा कि प्रतिवेदन आया था. उसके बाद जांच हुई है. तहसीलदार को जमीन पर बेदखली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. अतिक्रमण पर बेदखली कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.








