रायपुर, भारतमाला मुआवजा घोटाला मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है. निलंबित SDM निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में पाया गया है कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग किया. अधीनस्थ पटवारी, राजस्व निरीक्षक और अन्य साथियों के साथ मिलकर घोटाले को अंजाम दिया.
रायपुर जिले के अभनपुर तहसील के गांव नायकबाँधा, उगरेटा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो की प्रभावित जमीन को कई भागों में विभाजित किया गया. इससे वास्तविक मुआवजे से इतर कई गुना राशि वितरित की गई. पहले से अधिग्रहित भूमि को दोबारा अधिग्रहित दिखाया गया. इस वजह से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ.

जांच में पाया गया है कि दलालों और कुछ सरकारी अधिकारियों की मदद से साजिश रची गई. अवैध तरीके से छोटे-छोटे हिस्सों में जमीन को बांटा गया, यही कारण रहा कि मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी हुई. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट से आरोपी की याचिका खारिज हो चुकी है. विशेष न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. सस्पेंड SDM निर्भय कुमार साहू लंबे वक्त से फरार चल रहा था.
ED ने 23 करोड़ की संपत्ति जब्त की
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में 23.35 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रायपुर – विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया. इस मामले में लगातार ACB/EOW जांच कर रही है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
अलग-अलग खातों में राशि ट्रांसफर की गई
जांच एजेंसी ED के अनुसार भूमि मालिकों के नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए गए. इनमें मुआवजे की राशि जमा कराई गई. इसके साथ ही पहले से साइन किए गए चेक और बैंक डॉक्यूमेंट्स की मदद से बड़ी राशि आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली गई







